The Red Ink: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। अंबेडकर जयंती को बूथ स्तर तक मनाने के ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अब बहुजन समाज पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। BSP ने इस फैसले को लेकर तीखा कटाक्ष किया है।
“पिता को सम्मान नहीं, अब वोट की राजनीति?”
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि उन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की जयंती क्यों नहीं मनाई। उन्होंने कहा कि जो अपने पिता को सम्मान नहीं दे पाए, वे अब अंबेडकर जयंती के नाम पर बहुजन समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
अंबेडकर जयंती के ऐलान पर उठे सवाल
अखिलेश यादव द्वारा अंबेडकर जयंती को बूथ स्तर तक मनाने की घोषणा BSP को रास नहीं आई। विश्वनाथ पाल ने आरोप लगाया कि यह कदम असल में बहुजन वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश है, जिसे समाज समझ रहा है।
जिले के नाम बदलने पर भी घेरा
बसपा नेता ने यह भी याद दिलाया कि मायावती सरकार के दौरान संभल का नाम बदलकर भीमनगर रखा गया था लेकिन अखिलेश यादव की सरकार आने पर इसे फिर से संभल कर दिया गया। उन्होंने इसे बाबा साहेब के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सपा पर सवाल खड़े किए।
परिवर्तन स्थल को लेकर भी आरोप
विश्वनाथ पाल ने आरोप लगाया कि लखनऊ में बाबा साहेब के नाम पर बने परिवर्तन स्थल को लेकर भी अखिलेश यादव का रवैया ठीक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इसे मैरिज लॉन बनाने की कोशिश की गई और कभी इसे अय्याशी का अड्डा तक बताया गया।
“नाटक समझ रहा है बहुजन समाज”
बसपा नेता ने कहा कि अंबेडकर जयंती मनाने का यह ऐलान एक राजनीतिक “नाटक” है, जिसे बाबा साहेब के अनुयायी और बहुजन समाज भलीभांति समझ रहा है।
14 अप्रैल को BSP का कार्यक्रम
उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन समाज पार्टी 14 अप्रैल को लखनऊ के गोमती नगर में बाबा साहेब की जयंती धूमधाम से मनाएगी। उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है। अंबेडकर जयंती जैसे मुद्दे अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनते नजर आ रहे हैं।




