The Red Ink: अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में शुक्रवार शाम आए 5.9 तीव्रता के भूकंप ने पूरे इलाके को हिला दिया। इस भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान में इस भूकंप के कारण 8 लोगों की मौत हुई है।
कहां और कब आया भूकंप?
भूकंप 16:12:58 UTC पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र 36.52° उत्तरी अक्षांश और 71.01° पूर्वी देशांतर पर स्थित था, जबकि इसकी गहराई करीब 175 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में था, जहां से इसकी तीव्रता दूर-दराज के इलाकों तक महसूस की गई।
उत्तर भारत तक महसूस हुए झटके
इस भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में महसूस किए गए, जिससे कश्मीर घाटी में लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में भी हल्के से मध्यम झटके दर्ज किए गए।
फिलहाल नुकसान की बड़ी खबर नहीं, लेकिन दहशत कायम
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तुरंत पुष्टि नहीं हुई थी लेकिन झटकों के कारण लोगों में डर का माहौल देखा गया। हालांकि, अफगानिस्तान के कुछ दूरदराज इलाकों में इस भूकंप के चलते 8 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
बढ़ रही है भूकंपीय गतिविधि
भूकंप निगरानी एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 2 से 5 तीव्रता के बीच के लगभग 16 छोटे-मध्यम भूकंप दर्ज किए गए हैं। हाल के समय में इस इलाके में भूकंपीय गतिविधि में बढ़ोतरी देखी गई है, हालांकि अधिकांश झटके हल्के रहे हैं और ज्यादा नुकसानदेह नहीं रहे।
10 साल में 280 से ज्यादा भूकंप
आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर के 300 किलोमीटर के दायरे में 4 या उससे अधिक तीव्रता के कुल 280 भूकंप दर्ज किए गए हैं। औसतन यहां हर साल करीब 28 भूकंप आते हैं, यानी लगभग हर महीने 2 भूकंप।
अफगानिस्तान क्षेत्र में आए भूकंप का असर एक बार फिर पूरे उत्तर भारत तक देखने को मिला है। भले ही इस बार बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर नहीं है लेकिन लगातार बढ़ रही भूकंपीय गतिविधि भविष्य के लिए चेतावनी जरूर दे रही है।




