बाजार पर दबाव बरकरार: तेल की कीमतें, FIIs की बिकवाली और वैश्विक तनाव बने बड़ी वजह, अगले हफ्ते ये फैक्टर्स तय करेंगे दिशा

Share Market: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार पांचवें हफ्ते भी जारी रहा है, जो अगस्त 2025 के बाद सबसे लंबा साप्ताहिक गिरावट का दौर है। पूरे हफ्ते बाजार पर दबाव बना रहा, जहां कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर रुपया और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
सप्ताह के अंत में निफ्टी 50 1.2% गिरकर 22,819 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 73,583 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में हर छोटी रिकवरी को बिकवाली ने दबा दिया।

तेल की कीमत और कमजोर रुपया बना बड़ी वजह
बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। इसके साथ ही भारतीय रुपया भी गिरकर 94.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल महंगा होने से चालू खाता घाटा बढ़ता है, महंगाई का दबाव बढ़ता है और बाजार व रुपये पर नकारात्मक असर पड़ता है।

Share Market (pc- social media)

FIIs की भारी बिकवाली
मार्च 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से करीब ₹1.11 लाख करोड़ की बिकवाली की, जो सितंबर 2024 के बाद सबसे बड़ी निकासी में से एक है। हालांकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने इस गिरावट को कुछ हद तक संभाला और करीब ₹1.28 लाख करोड़ की खरीदारी की।

Share Market (pc- social media)

सेक्टर्स में गिरावट, IT और फार्मा ने दिया सहारा
इस हफ्ते लगभग सभी सेक्टर्स में गिरावट देखी गई लेकिन IT सेक्टर 1.1% बढ़ा, फार्मा सेक्टर 0.1% ऊपर रहा वहीं सबसे ज्यादा गिरावट डिफेंस (-4.0%), PSU बैंक (-3.9%), रियल एस्टेट (-3.7%) में दर्ज की गई।

फार्मा सेक्टर पर बढ़ रहा फोकस
रुपये में कमजोरी के बीच निवेशक अब धीरे-धीरे फार्मा सेक्टर की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसी कंपनियां, जिनकी विदेशी कमाई ज्यादा है और आयात पर निर्भरता कम है, उन्हें इस स्थिति में फायदा मिल सकता है।

वैश्विक घटनाएं रहेंगी अहम
अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में कई अंतरराष्ट्रीय घटनाएं अहम रहेंगी अमेरिका में जॉब्स रिपोर्ट (शुक्रवार), कंज्यूमर कॉन्फिडेंस डेटा (मंगलवार), मैन्युफैक्चरिंग PMI (बुधवार) हालांकि, गुड फ्राइडे के कारण बाजार बंद रहेगा इसलिए इन आंकड़ों का असर तुरंत नहीं दिखेगा।

भारत में ऑटो सेक्टर पर नजर
भारत में ऑटो कंपनियां मार्च महीने के बिक्री आंकड़े जारी करेंगी। विशेषज्ञों के मुताबिक खुदरा मांग स्थिर बनी हुई है जिससे सालाना आधार पर बिक्री में सुधार की उम्मीद है।

मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में उथल-पुथल
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के कारण तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है, ऐसे में किसी भी बाधा का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। इस हफ्ते अमेरिकी क्रूड 2.3% बढ़कर $102 प्रति बैरल हुआ ब्रेंट क्रूड $106 प्रति बैरल पर रहा।

इन तारीखों पर बाजार रहेगा बंद
भारतीय शेयर बाजार 31 मार्च (महावीर जयंती), 3 अप्रैल (गुड फ्राइडे) को बंद रहेगा।

मार्केट ब्रेड्थ कमजोर
निफ्टी 50 के सिर्फ 10-15% शेयर ही अपने 50-DMA से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जो बाजार की कमजोरी दिखाता है।
इतिहास के अनुसार 20% से नीचे का स्तर कभी-कभी शॉर्ट टर्म रिकवरी का संकेत देता है लेकिन बड़ी रिकवरी के लिए व्यापक भागीदारी जरूरी होती है।

Share Market (pc- social media)

तकनीकी स्तर क्या कहते हैं?
रेसिस्टेंस 23,500 – 23,850, सपोर्ट 22,450 अगर निफ्टी 22,450 से नीचे जाता है, तो गिरावट 22,000 तक जा सकती है। वहीं 23,850 के ऊपर मजबूती से टिकने पर ही बाजार में स्थिरता आ सकती है।

फिलहाल बाजार कई मोर्चों पर दबाव में है वैश्विक तनाव, महंगा तेल, कमजोर रुपया और FIIs की बिकवाली ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की चाल काफी हद तक ग्लोबल संकेतों और घरेलू आंकड़ों पर निर्भर करेगी। डेरिवेटिव ट्रेडिंग में जोखिम होता है। निवेश से पहले अपने स्तर पर रिसर्च करें। यह खबर किसी भी निवेश की सलाह नहीं देती।

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories