दादरी में आज अखिलेश की ‘शक्ति रैली’: 8 महीने की तैयारी, मंच पर सपा के बड़े चेहरे, भाटी ने BJP पर बोला हमला

Noida: उत्तर प्रदेश के दादरी में आज समाजवादी पार्टी की बड़ी रैली होने जा रही है, जिसे 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का पहला बड़ा राजनीतिक शंखनाद माना जा रहा है।
रैली से पहले इसके संयोजक राजकुमार भाटी ने The Red Ink से खास बातचीत में तैयारियों, भीड़ और सियासी संदेश को लेकर विस्तार से बात की।

“8 महीने से कर रहे हैं तैयारी, यह हवाई रैली नहीं”
रैली के संयोजक राजकुमार भाटी ने बताया कि इस कार्यक्रम की तैयारी बीते 8 महीनों से चल रही है, जिसमें ग्रासरूट स्तर पर काम किया गया है।
उन्होंने कहा “यह कोई हवाई रैली नहीं है, न ही प्रायोजित है। लोग अपने जोश और खरोश के साथ खुद आ रहे हैं। मेरा मीडिया से निवेदन है कि वे लोगों से बात करें — कोई यह नहीं कहेगा कि वह किसी गाड़ी में बैठकर आया है, हर व्यक्ति खुद को कार्यकर्ता बताएगा।”

PM मोदी की रैली पर तंज
भाटी ने 28 मार्च को हुई प्रधानमंत्री की रैली पर निशाना साधते हुए कहा “कल इसी जिले में 30 किलोमीटर दूर रैली हुई, जिसमें चार जिलों की बसें पुलिस ने ले लीं। टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई, स्कूल-कॉलेजों से जबरन बसें भरवाई गईं। गलगोटिया यूनिवर्सिटी से 200 बसें जबरन भरवाई गईं। आंगनबाड़ी, शिक्षक, सेक्रेटरी, लेखपाल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कर्मचारियों को लगाया गया, तब जाकर भीड़ जुटी।” उन्होंने यह भी कहा कि “जो लोग जबरदस्ती लाए गए थे, वे न ताली बजा रहे थे, न भाषण सुन रहे थे, बस जम्हाई ले रहे थे।”

“आज हार्ट और आई कनेक्टिविटी दिखेगी”
भाटी ने दावा किया कि आज की रैली में आने वाले लोगों की “हार्ट और आई कनेक्टिविटी” सीधे पार्टी अध्यक्ष से होगी। “अखिलेश यादव की हर बात पर लोगों की प्रतिक्रिया दिखेगी।”

मंच पर ये बड़े नेता रहेंगे मौजूद
राजकुमार भाटी ने मंच पर मौजूद रहने वाले नेताओं की सूची भी साझा की।
हरीश पाल (मंच अध्यक्षता)
माता प्रसाद पांडेय (नेता विपक्ष, यूपी)
नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी
शहीद मंजूर
जावेद आब्दी
इकरा हसन
अतुल प्रधान
इसके अलावा अन्य नेताओं की भी मौजूदगी रहने की बात कही गई।

राजनीति के साथ सांस्कृतिक मंच भी
भाटी ने बताया कि रैली में सिर्फ राजनीतिक मंच ही नहीं, बल्कि लोक कलाकारों का मंच भी लगाया गया है।
“अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार आएंगे, लेकिन खास बात यह है कि कोई किराए पर नहीं आया — सभी अपने हैं। ये गाएंगे, बजाएंगे, ठोकेंगे और रगड़ेंगे भी।”

“2027 का आज शंखनाद”
भाटी ने इसे 2027 चुनाव का शुरुआती बिंदु बताते हुए कहा:
“आज 2027 का शंखनाद है। देखने वाली बात होगी कि यह जोश पोलिंग तक बना रहता है। 2024 में हमने भाजपा को हरा दिया था, अब फन रगड़कर ज़हर निकालना है।”

सपा की ‘सांस्कृतिक राजनीति’ का दावा
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सिर्फ राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और साहित्यिक समझ रखने वाली पार्टी है। “यहाँ नेता भी मिलेगा, कवि भी, गीतकार भी, नारे लगाने वाला भी और डांसर भी।”

राजकुमार भाटी की कविता (PDA पर)
“दस की खातिर नब्बे का यदि रक्त निचोड़ा जायेगा,
तो धरम कहां बच पायेगा।
देवालय में धर्म गुरु और संत करेंगे अय्याशी,
राजनीति का केंद्र बनेंगे अयोध्या, मथुरा और काशी।
देवदासी कहकर नारी को नग्न नचाया जायेगा,
तो धरम कहाँ बच पायेगा…”
“राम और रहमान वोट हथियाने के साधन होंगे,
गोरे तन पर धवल वस्त्र और जेबों में काले धन होंगे,
सूटकेस में बंद लोकमत करके बेचा जाएगा,
तो धरम कहाँ बच पायेगा…”

शायरी से दिया संदेश
“कुछ कट्टर हिन्दू, कट्टर दोनों तरफ,
वरना ज्यादा तादाद में इंसान है दोनों तरफ।
हमने कितने नाम, कितने रूप उसको दे दिए,
एक ही अल्लाह या भगवान है दोनों तरफ।”

दादरी की यह रैली सिर्फ भीड़ का प्रदर्शन नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश, सामाजिक समीकरण और सांस्कृतिक प्रस्तुति तीनों का मिश्रण है। यह साफ संकेत है कि समाजवादी पार्टी 2027 की लड़ाई को अभी से फ्रेम कर रही है और पश्चिमी यूपी को उसकी शुरुआत का केंद्र बना रही है।

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