Nepal Flood: उत्तरी नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़, गांव बहने से भारी तबाही की आशंका; कई पुलिसकर्मी लापता

Nepal Flood: उत्तरी नेपाल में बुधवार तड़के आई अचानक और भीषण बाढ़ ने भारी तबाही की आशंका पैदा कर दी है। रसुवा जिले में आई बाढ़ से कई गांव प्रभावित हुए हैं और एक पनबिजली बांध समेत कई अहम बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर है।

तिब्बत की सीमा से लगे इस इलाके में हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों से नदी के किनारे से दूर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है। राहत और बचाव अभियान में अब तक 12 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि कई पुलिसकर्मियों समेत दर्जनों लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है।

Nepal Flood ने मचाई भारी तबाही, कई इलाकों में हाई अलर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाढ़ बुधवार तड़के राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा इलाके में आई। यह क्षेत्र तिब्बत की सीमा से सटा हुआ है और चीन के साथ नेपाल के प्रमुख व्यापार मार्गों में से एक यहीं से गुजरता है।

अचानक आई बाढ़ के पानी ने नदी के आसपास के इलाकों में तेजी से तबाही मचाई। कई गांवों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा एक पनबिजली बांध समेत इलाके के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।

रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रशासन को भारी नुकसान की आशंका है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल नुकसान के वास्तविक पैमाने का सटीक आकलन करना जल्दबाजी होगी।

भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से बिगड़े हालात

अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने के बाद आई। यह नदी तिब्बत से नेपाल की ओर बहती है।

प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों का मानना है कि तिब्बत की तरफ बर्फ पिघलने के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और इसके बाद निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई।

हालांकि, आपदा की वास्तविक वजह और पानी के अचानक बढ़ने के कारणों का विस्तृत आकलन अभी किया जा रहा है।

नदी के निचले हिस्से में आने वाले कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने नदी के किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

बाढ़ के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है। अब तक कम से कम 12 लोगों को सुरक्षित बचाए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, प्रभावित इलाकों में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने से कई लोगों के बारे में जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।

काठमांडू में रहने वाले चीनी व्यवसायी यी लियांग ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी लॉजिस्टिक्स कंपनी के सात कंटेनर ट्रक बाढ़ प्रभावित इलाके में मौजूद हैं। इन ट्रकों में नेपाली कर्मचारी काम करते हैं और फिलहाल उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में सिग्नल नहीं होने की वजह से कर्मचारियों से बातचीत नहीं हो पा रही है। उनके मुताबिक, इलाके में पहले बरसात के मौसम में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार की स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर नजर आ रही है।

13 सशस्त्र पुलिसकर्मी लापता

Nepal Flood के बाद सुरक्षा बलों के जवान भी प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रसुवा जिले की दो चौकियों पर तैनात सशस्त्र पुलिस बल के 13 अधिकारी लापता बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा दर्जनों अन्य पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में राहत और बचाव टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटाने की है।

प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी के आसपास नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बुलाई आपात बैठक

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए आपात बैठक की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि राहत एवं बचाव से जुड़े जरूरी कदम शुरू कर दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री के मुताबिक, चिकित्सा दल, स्काउट्स और रेड क्रॉस के समन्वय से राहत कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और लापता लोगों की तलाश करना है।

पिछले साल भी आई थी विनाशकारी बाढ़

रसुवा में इससे पहले भी भीषण बाढ़ का कहर देखने को मिल चुका है। पिछले साल सीमा के चीनी हिस्से में ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ में 18 लोगों की मौत हुई थी।

अधिकारियों का कहना है कि इस बार की आपदा का पैमाना पिछले साल की बाढ़ से भी बड़ा हो सकता है। हालांकि, वास्तविक नुकसान और संभावित जनहानि की तस्वीर राहत एवं बचाव अभियान आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल उत्तरी नेपाल में Nepal Flood के बाद हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। वहीं, राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंचकर लोगों को बचाने और नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।

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