UP Airport Scam Allegation: लखनऊ में सपा का दावा- 7 में से 6 एयरपोर्ट बंद, सरकार से मांगा ₹1110 करोड़ का हिसाब

UP Airport Scam Allegation को लेकर सपा का हमला…

UP Airport Scam Allegation को लेकर समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। शनिवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगाकर पार्टी ने राज्य में “एयरपोर्ट घोटाले” का दावा किया। होर्डिंग में लिखा गया, “उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट घोटाला! करोड़ों खर्च, 6 एयरपोर्ट बंद, यह कैसा विकास?”

सपा नेताओं का दावा है कि सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के आधार पर यह मुद्दा उठाया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

UP Airport Scam Allegation में 7 एयरपोर्ट का जिक्र
सपा द्वारा लगाए गए होर्डिंग में दावा किया गया है कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच उत्तर प्रदेश में सात एयरपोर्ट विकसित किए गए, लेकिन इनमें से छह पर वर्तमान में उड़ान सेवाएं बंद हैं।

होर्डिंग में जिन एयरपोर्ट का उल्लेख किया गया है, उनमें अयोध्या, कुशीनगर, आजमगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और श्रावस्ती शामिल हैं। सपा का दावा है कि इनमें केवल अयोध्या एयरपोर्ट पर नियमित उड़ान संचालन जारी है, जबकि बाकी छह एयरपोर्ट पर उड़ानें बंद हैं।

निर्माण लागत को लेकर भी उठाए सवाल

होर्डिंग में एयरपोर्ट निर्माण पर हुए कथित खर्च का भी विवरण दिया गया है। इसके अनुसार:
1- अयोध्या एयरपोर्ट – ₹240 करोड़
2- कुशीनगर एयरपोर्ट – ₹170 करोड़
3- आजमगढ़ एयरपोर्ट – ₹140 करोड़
4- अलीगढ़ एयरपोर्ट – ₹100 करोड़ से अधिक
5- मुरादाबाद एयरपोर्ट – ₹120 करोड़
6- चित्रकूट एयरपोर्ट – ₹160 करोड़
7- श्रावस्ती एयरपोर्ट – ₹170 करोड़

सपा ने इन परियोजनाओं पर कुल ₹1110 करोड़ खर्च होने का दावा किया है।

सपा नेता ने सरकार से मांगा जवाब

UP Airport Scam Allegation से जुड़ी होर्डिंग सपा नेता हल्लूराम सुंदर यादव की ओर से लगवाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के नाम पर बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है।

हल्लूराम सुंदर यादव ने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से एयरपोर्ट बनाए गए, लेकिन अधिकांश एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं संचालित नहीं हो रहीं। उन्होंने सरकार से सभी सात एयरपोर्ट की स्थिति और खर्च का सार्वजनिक हिसाब देने की मांग की।

सरकार की ओर से नहीं आया कोई आधिकारिक जवाब

फिलहाल इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार या नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सपा के दावों और होर्डिंग में लिखी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।

हालांकि, एयरपोर्ट परियोजनाओं और उनके संचालन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।

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