Student Protest News: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार के रवैये पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बाद भी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि प्रदर्शन वापस लेने के दौरान उन पर कार्रवाई न करने का भरोसा दिया गया था।
‘पहले बल प्रयोग, अब FIR और हिरासत का आरोप’
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार पर युवाओं के दमन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करीब 10 दिन पहले छात्र प्रदर्शन के दौरान युवाओं के खिलाफ लाठी-डंडों और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
खड़गे ने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद अब छात्रों के खिलाफ बदले की भावना से FIR दर्ज कराई जा रही हैं और उन्हें जबरन हिरासत में लिया जा रहा है।
उन्होंने लिखा कि छात्रों ने आंदोलन इस शर्त पर खत्म किया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब सरकार पर अपने ही आश्वासन से पीछे हटने का आरोप लगाया जा रहा है।
सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कराने का भी लगाया आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्राओं की निजी जानकारी सार्वजनिक किए जाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
खड़गे ने इन आरोपों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के खिलाफ कार्रवाई के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
अमित शाह की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में गृह मंत्री ने जिम्मेदारी तय करने वाला कोई बयान नहीं दिया।
खड़गे ने कहा कि सरकार अब केवल अपनी छवि बचाने और राजनीतिक नुकसान से बचने की कोशिश कर रही है, लेकिन युवा सरकार की वास्तविकता समझ चुके हैं।
‘अमित शाह का इस्तीफा लिया जाए’
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पोस्ट के अंत में गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार में थोड़ी भी जवाबदेही बची है तो गृह मंत्री से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
हालांकि, खड़गे की ओर से लगाए गए आरोपों पर केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



