जंतर-मंतर पर ‘ताला’ लगने की खबरों का सच क्या? बैरिकेडिंग के बाद दिल्ली पुलिस ने जारी किया बयान

The Red Ink

दिल्ली के जंतर-मंतर को प्रदर्शनकारियों के लिए बंद किए जाने की खबरों के बीच दिल्ली पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए ताला लगा दिया गया है या इस जगह को पूरी तरह बंद किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए बंद करने की बात गलत, भ्रामक और तथ्यहीन है।

अनुमति लेकर हो सकेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन पहले की तरह किए जा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कानून के तहत संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना जरूरी होगा।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन आयोजित करने वाले लोगों को निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। बिना अनुमति या तय दिशा-निर्देशों के खिलाफ होने वाली गतिविधियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एक समय में सिर्फ 1,000 लोगों को अनुमति

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उसके अनुपालन में तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत जंतर-मंतर पर एक समय में अधिकतम 1,000 लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है।

पुलिस ने कहा कि यह व्यवस्था सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।

बैरिकेड्स को वेल्ड किए जाने के बाद बढ़ी अटकलें

29 जुलाई को जंतर-मंतर पर पुलिस की ओर से लगाए गए कई बैरिकेड्स को वेल्डिंग के जरिए आपस में जोड़ा गया। बैरिकेडिंग की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए बंद किया जा रहा है। इसी के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर इन अटकलों को गलत बताया और कहा कि जंतर-मंतर को बंद नहीं किया गया है।

हाल में जंतर-मंतर पर जुटे थे हजारों छात्र

जंतर-मंतर पर हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ के आह्वान के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तनाव बढ़ गया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया था। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरें सामने आई थीं, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई थी झड़प

बाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस-सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। इन घटनाओं में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई थी।

हालांकि, जंतर-मंतर को बंद किए जाने के दावों पर दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि तय नियमों के तहत अनुमति लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा सकते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि के उसे आगे साझा करने से बचें।

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