The Red Ink
दिल्ली में समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में सोमवार शाम लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हजरतगंज चौराहे पर जुटे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं को घसीटकर बसों तक ले जाने और कुछ नेताओं को उठाकर बसों में बैठाने के दृश्य भी सामने आए।
हजरतगंज में पुलिस और सपाइयों के बीच नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान हजरतगंज इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। जब कार्यकर्ता हटने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने बसें बुलाकर उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। कई कार्यकर्ता बसों की छत पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने नीचे उतारकर बसों में बैठाया। महिला कार्यकर्ताओं को हटाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
डिंपल यादव को चोट लगने का दावा
सपा विधायक रविदास मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में हिरासत के दौरान डिंपल यादव को चोट लगी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकार दमनकारी रवैया अपना रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।
‘आवाज दबाई नहीं जा सकती’
सपा नेता राम सिंह राणा ने कहा कि पार्टी युवाओं और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है और किसी भी दबाव से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने परीक्षा संबंधी विवादों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग भी दोहराई।
‘छात्रों पर कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला’
सपा के नगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी ने कहा कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनके मुताबिक, जो छात्र अपने भविष्य से जुड़े सवाल उठा रहे हैं, उनके साथ बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
सड़क से संसद तक संघर्ष का दावा
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि डिंपल यादव एक निर्वाचित सांसद हैं और जनता की आवाज उठाना उनका संवैधानिक दायित्व है। उनका आरोप है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। सपा ने कहा कि वह छात्रों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर संसद तक उठाती रहेगी।




