गुजरात ATS का बड़ा एक्शन: जैश-ए-मोहम्मद के 5 और संदिग्ध गिरफ्तार, टाइम बम बनाने की साजिश नाकामगुजरात ATS का बड़ा एक्शन: जैश-ए-मोहम्मद के 5 और संदिग्ध गिरफ्तार, टाइम बम बनाने की साजिश नाकाम

The Red Ink
गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक टाइम बम तैयार करने की प्रक्रिया में था। ATS की समय रहते की गई कार्रवाई से कथित साजिश को अंजाम देने से पहले ही नाकाम कर दिया गया। इन गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक कुल 18 संदिग्धों को पकड़ा जा चुका है।

5 नए संदिग्ध गिरफ्तार, पूछताछ में सामने आए थे नाम
गुजरात ATS ने राज्य के अलग-अलग जिलों से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों के नाम पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आए थे। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, ताकि केंद्रीय और राज्य की खुफिया एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर सकें।

टाइम बम बनाने की तैयारी का दावा
ATS के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक को विस्फोटक तैयार करने की तकनीकी जानकारी थी और वह कथित तौर पर टाइम बम बनाने के अंतिम चरण में पहुंच चुका था। खुफिया इनपुट मिलने के बाद ATS ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया, जब कथित तौर पर विस्फोटक उपकरण तैयार किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि समूह पहले भी एक देसी टाइम बम का परीक्षण करने की कोशिश कर चुका था, हालांकि वह प्रयास सफल नहीं हुआ।

विस्फोटक सामग्री और कट्टरपंथी साहित्य की तलाश जारी
ATS फिलहाल आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है। एजेंसियां कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री, बम बनाने से जुड़े तकनीकी दस्तावेज और उर्दू भाषा में उपलब्ध कट्टरपंथी साहित्य की तलाश कर रही हैं।

पाकिस्तान से मिल रही थी आर्थिक मदद
जांच में पहले सामने आया था कि इस मॉड्यूल के सदस्यों को पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स से आर्थिक सहायता मिल रही थी। एजेंसियों के मुताबिक, हैंडलर्स ने आरोपियों को एक सेकेंड हैंड कार खरीदने के लिए भी कहा था।

18 तक पहुंची गिरफ्तारियों की संख्या
यह कार्रवाई गुजरात ATS के उस अभियान का तीसरा चरण है, जिसमें कथित “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” स्लीपर सेल के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन पांच नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक कुल 18 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ऐसे खुला पूरे नेटवर्क का राज
पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब गुजरात ATS ने राज्य और मध्य प्रदेश में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर इस मॉड्यूल के शुरुआती सदस्यों को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई गुजरात के बनासकांठा, पाटन, नवसारी और मध्य प्रदेश के देवास में की गई थी। जांच में सामने आया कि मॉड्यूल के सदस्य कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर नाम के हैंडलर्स के संपर्क में थे। एजेंसियों के अनुसार, इनका उद्देश्य युवाओं की भर्ती, धन जुटाना और भविष्य में आतंकी गतिविधियों के लिए नेटवर्क तैयार करना था। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों ने 250 से अधिक डिजिटल फाइलें और कथित कट्टरपंथी सामग्री भी जब्त की थी।

डिजिटल जांच से मिले नए सुराग
पहली कार्रवाई के बाद डिजिटल फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई नए सुराग मिले। इन्हीं जानकारियों के आधार पर ATS ने पहले एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया था और अब पांच नई गिरफ्तारियां की गई हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ अन्य सदस्यों तक कथित चरमपंथी सामग्री पहुंचाने का काम भी करते थे।

जांच अभी जारी
गुजरात ATS, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। जांच का फोकस फंडिंग के स्रोत, संभावित हथियारों के ठिकानों और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान पर है। फिलहाल एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य स्लीपर सेल या सहयोगी अभी सक्रिय हैं।

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