The Red Ink
लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में शादी के महज चार महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हनीमून के लिए फ्लाइट टिकट रद्द कर ट्रेन का टिकट कराने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। वहीं, मृतका के मायके पक्ष ने इसे दहेज हत्या बताते हुए पति समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
हनीमून प्लान को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, बिहार निवासी दंपती फरवरी 2026 में विवाह के बाद लखनऊ में रह रहे थे। पति एक निजी बैंक में डिप्टी मैनेजर है। उसने पूछताछ में बताया कि नौकरी की वजह से हनीमून टलता रहा, जिसके बाद कश्मीर जाने का कार्यक्रम बनाया गया था। पहले फ्लाइट टिकट बुक किया गया, लेकिन बाद में उसे रद्द कर ट्रेन का टिकट करा दिया गया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।
ड्यूटी पर गया पति, लौटने पर मिला पत्नी का शव
पति का कहना है कि वह रोज की तरह ड्यूटी पर चला गया था और बाद में पत्नी को व्हाट्सएप पर ट्रेन का टिकट भेजा। कई बार फोन करने पर जब जवाब नहीं मिला तो उसने मकान मालिक से घर देखने को कहा। दरवाजा अंदर से बंद मिला। बाद में घर पहुंचने पर पत्नी फंदे से लटकी मिली, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप- दहेज के लिए किया जाता था प्रताड़ित
मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष कार और नकदी की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर सोनाली को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई और पति ने शव के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
‘शादी में 15 लाख रुपये और फर्नीचर दिया था’
परिवार का दावा है कि शादी में लगभग 15 लाख रुपये नकद और करीब ढाई लाख रुपये का फर्नीचर दिया गया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग जारी रही और इसी कारण उनकी बेटी को लगातार परेशान किया जाता रहा।
पति समेत छह लोगों पर मुकदमा, जांच जारी
मायके पक्ष की शिकायत पर इंदिरानगर पुलिस ने पति, सास-ससुर, जेठ, जेठानी और ननद समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगना सामने आया है, जबकि पूरे मामले की जांच सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।




