राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ट्रस्ट की अहम बैठक आज, चंपत राय के इस्तीफे पर फैसला संभव; CCTV में कैद हुई चोरी की तस्वीरें

The Red Ink
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला लिया जा सकता है। वहीं जांच में भी लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने डिलीट किए गए CCTV फुटेज रिकवर कर लिए हैं और आरोप है कि मंदिर कर्मचारी मोजों और जेब में नोट छिपाकर बाहर ले जाते थे।

अचानक बदली बैठक की जगह
पहले ट्रस्ट की बैठक मणिरामदास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन देर रात इसे राम मंदिर परिसर में शिफ्ट कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा कारणों और मीडिया की भीड़ से बचने के लिए यह फैसला लिया गया। बैठक दोपहर 3 बजे होगी, जिसमें सभी ट्रस्ट सदस्यों को बुलाया गया है। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

चंपत राय के इस्तीफे पर होगा फैसला
26 जून को दोनों पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। माना जा रहा है कि ट्रस्ट बैठक में इन पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। ट्रस्ट के गठन के बाद यह पहला मौका होगा जब बैठक की अगुवाई चंपत राय नहीं करेंगे।

जांच में नया खुलासा, मोजों में छिपाकर ले जाते थे नोट
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चढ़ावे की रकम मोजों और कपड़ों की जेब में छिपाकर बाहर निकालते थे। आईटी विशेषज्ञों की मदद से डिलीट किए गए CCTV फुटेज भी रिकवर कर लिए गए हैं। हालांकि फुटेज में चेहरे पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए वीडियो की गुणवत्ता बेहतर करने का काम जारी है।

15 हजार की नौकरी, लेकिन करोड़ों जैसी लाइफस्टाइल पर सवाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला की मासिक सैलरी करीब 15 हजार रुपये थी, लेकिन उसने नया मकान बनवाया, ब्रेजा कार खरीदी और कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड को दो लाख रुपये ट्रांसफर करने के साथ आईफोन भी गिफ्ट किया। पुलिस अब उसके परिवार के बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

ट्रस्टी को हटाने की प्रक्रिया क्या है?
ट्रस्ट के नियमों के अनुसार किसी ट्रस्टी को हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। इससे पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और संबंधित ट्रस्टी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। वहीं इस्तीफा भी ट्रस्ट की मंजूरी के बाद ही प्रभावी माना जाता है।

बैठक से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा
बैठक को देखते हुए राम मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गेट नंबर-11 पर बैरिकेडिंग की गई है और बैठक शुरू होने से पहले चारपहिया वाहनों की आवाजाही सीमित रखने की तैयारी है।

सियासी बयानबाजी भी तेज
मामले पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष राम मंदिर और सनातन पर राजनीति कर रहा है। वहीं महंत रामदास ने मंदिर की व्यवस्था में “बाबूशाही” की जगह “साधुशाही” व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई। दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद नेता प्रकाश शर्मा ने दावा किया कि सोने से मढ़ी रामचरितमानस पूरी तरह सुरक्षित है और इसे लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं। वहीं पुलिस ने प्रतापगढ़ प्रशासन से आरोपी अविनाश शुक्ला की संपत्तियों का पूरा ब्योरा भी मांगा है।

Hot this week

‘अब लखनऊ आने के लिए अनुमति नहीं मांगेंगे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रशासन पर सीधा हमला

The Red Ink: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने...

Topics

‘अब लखनऊ आने के लिए अनुमति नहीं मांगेंगे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रशासन पर सीधा हमला

The Red Ink: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने...

Related Articles

Popular Categories