The Red Ink
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। मंगलवार तड़के रूस ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर मिसाइलों और ड्रोन की बड़ी बौछार कर दी, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान निप्रो शहर में हुआ, जहां 11 लोगों की जान चली गई। वहीं राजधानी कीव में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई आवासीय इमारतें हमलों की चपेट में आ गईं, जिसके बाद राहत और बचाव दल देर रात तक मलबे में फंसे लोगों की तलाश करते रहे।
रातभर गूंजते रहे धमाके
हमलों के दौरान यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से बंकरों और सुरक्षित स्थानों में रहने की अपील की। कई इलाकों में लगातार धमाकों और आग लगने की घटनाओं ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। कीव में कई बहुमंजिला इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि निप्रो में रिहायशी क्षेत्रों पर हमलों की वजह से भारी तबाही देखने को मिली।
रूस ने कहा- जवाबी कार्रवाई थी
रूस के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को यूक्रेन की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है। मंत्रालय का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान तय किए गए सभी लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिए गए। रूस पहले भी चेतावनी दे चुका था कि वह यूक्रेन के खिलाफ “व्यवस्थित और बड़े पैमाने” पर हमले कर सकता है। मॉस्को ने आरोप लगाया था कि यूक्रेन ने पूर्वी यूक्रेन के रूसी नियंत्रण वाले इलाके में एक छात्रावास को निशाना बनाया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। हालांकि यूक्रेन का कहना है कि उसने केवल रूसी सैन्य ठिकाने को लक्ष्य बनाया था।
ज़ेलेंस्की ने पहले ही जताई थी आशंका
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने हमलों से कुछ घंटे पहले ही देश को संभावित बड़े हमले के लिए आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि रूस किसी भी समय व्यापक हवाई अभियान शुरू कर सकता है। हमले के बाद ज़ेलेंस्की ने जानकारी दी कि रूस ने एक ही रात में 656 स्ट्राइक ड्रोन और 73 मिसाइलें दागीं। इनमें बैलिस्टिक, क्रूज़ और एंटी-शिप मिसाइलें भी शामिल थीं, जिससे यह हाल के महीनों के सबसे बड़े रूसी हमलों में से एक माना जा रहा है।
बढ़ती चिंता, लंबा खिंचता युद्ध
लगातार बढ़ते हमले यह संकेत दे रहे हैं कि रूस-यूक्रेन संघर्ष फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव अब और अधिक आक्रामक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है, जिससे आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।




