The Red Ink
लखनऊ में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ‘गिरगिट’ वाले बयान को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि असल में रंग बदलने का काम भाजपा कर रही है और उसकी साजिश अब उजागर हो चुकी है।
‘गिरगिट’ बयान पर पलटवार
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “गिरगिट एक रंग से दूसरे रंग में बदलता है, लेकिन असली गिरगिट का काम भाजपा कर रही है।” उनके मुताबिक, जब भाजपा की रणनीति सफल नहीं हुई तो विधानसभा में प्रस्ताव लाकर मुद्दे को मोड़ने की कोशिश की गई।
महिला आरक्षण पर सवाल
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देने के पक्ष में नहीं है, बल्कि इसे सिर्फ नारे तक सीमित रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि सड़कों से लेकर सदन तक एक सोची-समझी रणनीति के तहत यह मुद्दा उठाया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था और भरोसे पर टिप्पणी
अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा हालात में लोग कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। उनके अनुसार, न्याय के लिए न्यायिक संस्थाओं पर विश्वास भी कमजोर हुआ है और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि उद्घाटन के बाद गंगा एक्सप्रेस-वे को बंद कर दिया गया। साथ ही महंगाई पर निशाना साधते हुए कहा कि गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से आम आदमी की रसोई पर सीधा असर पड़ता है।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर बयान
अखिलेश यादव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की रणनीति विफल होगी और ममता बनर्जी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों का इस्तेमाल कर वोटिंग को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
पर्यावरण और विकास पर आरोप
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार पर्यावरण संरक्षण को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरावली क्षेत्र को लेकर भी सरकार की मंशा साफ नहीं है और विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता की कमी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और मजदूरों का मुद्दा
उन्होंने मेरठ और अयोध्या के मास्टर प्लान में बार-बार बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हितों में ज्यादा उलझी हुई है, जिससे मजदूर वर्ग की अनदेखी हो रही है।
लोकसभा सत्र पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव के बीच लोकसभा सत्र बुलाना एक राजनीतिक रणनीति थी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष को बदनाम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया।




