आगरा में स्मार्ट मीटर पर बवाल: महिलाओं ने उखाड़कर फेंके मीटर, बिजली दफ्तर पहुंचकर किया प्रदर्शन

The Red Ink
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अकोला कस्बे में शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं और ग्रामीणों ने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ दिए और उन्हें लेकर सीधे बिजली विभाग के दफ्तर पहुंच गए। वहां मीटर फेंककर विरोध जताया गया और धरना शुरू कर दिया गया।

मीटर लेकर दफ्तर पहुंचीं महिलाएं
शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर अकोला में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर स्मार्ट मीटर रखकर बिजली ऑफिस पहुंचीं। कई लोग बोरे में मीटर भरकर लाए और उन्हें दफ्तर परिसर में फेंक दिया। इस दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को काबू में किया।

“स्मार्ट मीटर हमें मंजूर नहीं”
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर की व्यवस्था उन्हें स्वीकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि इसे तुरंत बंद किया जाए और बिजली बिलों में हो रही गड़बड़ियों की जांच कराई जाए।

क्यों हो रहा है विरोध?
ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर तेजी से यूनिट दिखाता है, जिससे कम खपत के बावजूद ज्यादा बिल आ रहा है। कई बार बिना उपयोग के भी बैलेंस घटने की शिकायत, बैलेंस माइनस होते ही बिजली सप्लाई बंद, रिचार्ज के बाद भी तुरंत कनेक्शन बहाल नहीं होता। इन समस्याओं के चलते लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

किसान संगठनों की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने कहा कि संगठन ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी के खिलाफ कार्रवाई हुई, तो किसान चक्का जाम करेंगे।

मेरठ में भी उठी आवाज
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन आजाद के किसानों ने पंचायत कर स्मार्ट प्रीपेड मीटर का विरोध किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन बालियान ने आरोप लगाया कि इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मनमानी नहीं रुकी, तो किसान खुद मीटर हटाकर विभाग को सौंप देंगे।

सियासत भी गरमाई
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी के नाम पर जनता से वसूली की जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “इस बार लोग स्मार्ट मीटर तोड़ रहे हैं, अगली बार ईवीएम।”

सरकार की राहत, लेकिन असंतोष जारी
प्रदेश सरकार ने हाल ही में कुछ राहत देने की घोषणा की थी-
1 किलोवाट कनेक्शन पर 30 दिन तक बिजली नहीं काटी जाएगी, भले बैलेंस नेगेटिव हो
2 किलोवाट कनेक्शन पर 200 रुपये तक माइनस होने पर भी सप्लाई जारी रहेगी
इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मुख्य समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है।

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