The Red Ink
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 41 साल की एक महिला ने पुलिस से अपनी शादी कराने की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि उसका परिवार जानबूझकर उसकी शादी नहीं होने दे रहा और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
20 साल से अलग रह रही, खुद संभाल रही जिंदगी
पीड़िता माधुरी पटेल का कहना है कि वह पिछले करीब दो दशकों से परिवार से अलग रहकर अपना जीवन यापन कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि माता-पिता ने उन्हें घर से अलग कर दिया और तब से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं दी। जीवनयापन के लिए माधुरी ने स्कूल में पढ़ाने से लेकर कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर तक में काम किया। बावजूद इसके, परिवार की ओर से सहयोग के बजाय लगातार अपमान और दबाव का सामना करना पड़ा।
परिवार पर गंभीर आरोप: मारपीट और मानसिक उत्पीड़न
महिला ने अपने माता-पिता, भाई, भाभी और बहन पर गाली-गलौज और मारपीट के आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, 27 अप्रैल को नहाते समय परिवार के लोग कमरे में घुस आए और उनके साथ मारपीट की। माधुरी का दावा है कि इस दौरान उनकी जान लेने की कोशिश भी की गई, जिसके बाद वह किसी तरह वहां से बचकर निकल पाईं।
“शादी नहीं होने दे रहे, उल्टा मुझे ही दोष देते हैं”
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि उनकी उम्र 41 साल हो चुकी है, लेकिन परिवार ने कभी उनकी शादी की पहल नहीं की। उल्टा, हर बार उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी शादी से इंकार नहीं किया, बल्कि हमेशा एक सामान्य और सम्मानजनक जीवन की इच्छा रखी है।
दो छोटी बहनें भी अविवाहित, उठे सवाल
मामले का एक और पहलू यह है कि माधुरी की दो छोटी बहनों की उम्र भी क्रमशः 37 और 34 साल हो चुकी है, लेकिन उनकी भी अब तक शादी नहीं हुई। इससे पूरे परिवार की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिक्षित हैं, फिर भी संघर्ष जारी
माधुरी पटेल ग्रेजुएट हैं और उन्होंने डीएलएड भी किया है। वह CTET और TET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। इसके बावजूद उन्हें पारिवारिक सहयोग नहीं मिल पा रहा। परिवार के पास खेती-बाड़ी और जमीन होने के बावजूद, महिला का आरोप है कि उसे उसका अधिकार नहीं दिया जा रहा।
पुलिस ने शुरू की जांच
सरायइनायत थाने के प्रभारी संजय गुप्ता के मुताबिक, मामला सामने आया है और जांच की जा रही है। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सिर्फ एक परिवार का विवाद नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की स्वतंत्रता, अधिकार और सम्मान से जुड़े बड़े सवाल भी उठाता है। जब एक वयस्क महिला को अपनी शादी के लिए भी संघर्ष करना पड़े, तो यह व्यवस्था और सोच—दोनों पर गंभीर चिंता खड़ी करता है।




