The Red Ink
CISCE बोर्ड के 2026 के नतीजों ने एक बार फिर लखनऊ को सुर्खियों में ला दिया है। 10वीं और 12वीं दोनों ही वर्गों में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया टॉप-10 में जगह बनाई। इस बार सिर्फ नंबर ही नहीं, बल्कि टॉपर्स के बड़े सपने भी चर्चा में हैं—कोई IAS बनकर शिक्षा व्यवस्था बदलना चाहता है, तो कोई डॉक्टर या इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन करना चाहता है।
टॉपर्स की लिस्ट- 99% से ऊपर का दबदबा- 10वीं में वैवस्वत नारायण दुबे – 99.80%, 12वीं में छवि मिश्रा, जैनब फातिमा, ओशीन अग्रवाल, संस्कृति चंदेल – 99.75% इन सभी छात्रों ने ऑल इंडिया टॉप-10 में जगह बनाकर शहर का नाम ऊंचा किया।
“IAS बनकर शिक्षा सिस्टम बदलूंगी” — छवि मिश्रा
12वीं टॉपर छवि मिश्रा का लक्ष्य सिर्फ करियर बनाना नहीं, बल्कि सिस्टम बदलना है। उन्होंने कहा कि वह IAS बनकर शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाना चाहती हैं, ताकि हर बच्चे को समान अवसर मिल सके।
“शुभांशु शुक्ला मेरे रोल मॉडल” — समर्थ तायल
10वीं में 99.20% अंक लाने वाले समर्थ तायल ने बताया कि वह एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla से प्रेरित हैं। उनका सपना है अपने करियर में सफलता हासिल करना साथ ही एक NGO चलाकर गरीब बच्चों को शिक्षा देना
डॉक्टर बनने का सपना — ओशीन अग्रवाल
12वीं की टॉपर ओशीन अग्रवाल ने साफ कहा कि वह NEET क्वालिफाई कर MBBS करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य मेडिकल फील्ड में जाकर लोगों की सेवा करना है।
“टीचर्स की वजह से मिला कॉन्फिडेंस” — संस्कृति चंदेल
संस्कृति चंदेल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि इंटरनल एग्जाम में कम नंबर आने पर भी टीचर्स ने उन्हें लगातार मोटिवेट किया, जिससे उनका आत्मविश्वास बना रहा।
10वीं टॉपर की सादगी भरी बात
वैवस्वत नारायण दुबे ने 99.80% स्कोर के बावजूद कहा इंग्लिश और कंप्यूटर में छोटी गलतियों की वजह से 1-1 नंबर कटे आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहते हैं
रिजल्ट कैसे देखें?
छात्र अपने ICSE और ISC स्कोरकार्ड इन वेबसाइट्स से डाउनलोड कर सकते हैं cisce.org, results.cisce.org इसके लिए UID और इंडेक्स नंबर की जरूरत होगी।
एग्जाम में कितने छात्र शामिल हुए?
इस साल CISCE बोर्ड में 1 लाख+ स्टूडेंट्स शामिल हुए, लखनऊ के करीब 156 स्कूलों ने भाग लिया अकेले CMS की 15 शाखाओं से 6000+ छात्र परीक्षा में बैठे।
पिछले साल का ट्रेंड
2025 में 10वीं टॉप स्कोर: 99.40%, 12वीं टॉप स्कोर: 99.50% इस बार छात्रों ने उससे भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
The Red Ink Insight
इस साल के रिजल्ट सिर्फ अकादमिक सफलता की कहानी नहीं हैं, बल्कि नई सोच और बड़े विजन का संकेत भी हैं। आज के टॉपर्स सिर्फ करियर नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने की बात कर रहे हैं यही इस रिजल्ट की सबसे बड़ी खासियत है।




