The Red Ink
उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुरुआत के साथ ही पहले दिन अव्यवस्था की तस्वीर भी सामने आई। बेगमपुरा एक्सप्रेस के लेट होने से कई अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके, जिसके कारण उनका एग्जाम छूट गया। सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ा जो दूसरे जिलों से ट्रेन के जरिए लखनऊ पहुंचे थे।
तीन दिन, दो पालियां—बड़े स्तर पर हो रही परीक्षा
यह भर्ती परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल तक आयोजित की जा रही है। हर दिन दो शिफ्ट में परीक्षा हो रही है—पहली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। लखनऊ में करीब 1.33 लाख अभ्यर्थियों के लिए 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर पाली में लगभग 22 हजार उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं।
पेपर रहा आसान, जीके और करंट अफेयर्स का दबदबा
पहली पाली की परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों का कहना है कि पेपर ज्यादा कठिन नहीं था। सीतापुर से आए प्रशांत कुमार के मुताबिक, करीब 80 प्रतिशत सवाल समझ में आए। पेपर में सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स से जुड़े सवाल ज्यादा थे, जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर के प्रश्न शामिल थे।
दूर सेंटर और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी
परीक्षा केंद्रों की दूरी भी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी समस्या बनकर सामने आई। चंद्र मणि ने बताया कि उनका सेंटर काकोरी में पड़ा, जो काफी दूर है, जिससे आने-जाने में दिक्कत हुई। तेज धूप और उमस के बीच परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी सिर ढककर जल्दबाजी में निकलते दिखे। कई छात्र गर्मी से बेहाल नजर आए।
नौकरी की तलाश में जुटे युवा, उम्मीदों के साथ पहुंचे सेंटर
अयोध्या से आए विवेक मौर्य ने बताया कि उन्होंने एमए (जियोग्राफी) किया है और नौकरी की तलाश में इस परीक्षा में शामिल हुए हैं। ऐसे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती एक बड़ा अवसर मानी जा रही है।
ट्रेन की तकनीकी खराबी बनी बड़ी वजह
बेगमपुरा एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12238) में कैटल पाइप में आई तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन पर देरी से पहुंची। इस देरी ने दर्जनों अभ्यर्थियों का परीक्षा शेड्यूल बिगाड़ दिया और कई छात्रों को एग्जाम से वंचित होना पड़ा।
प्रदेशभर में 25 लाख अभ्यर्थी, 41 हजार से ज्यादा पद
पूरे उत्तर प्रदेश में यह परीक्षा 74 जिलों के 1053 केंद्रों पर आयोजित हो रही है। भर्ती के तहत 41,424 पदों को भरा जाएगा, जिसके लिए करीब 25 लाख अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।




