The Red Ink
बिहार की नई सम्राट चौधरी सरकार के लिए शुक्रवार का दिन सत्ता की पहली असली परीक्षा लेकर आ रहा है। विधानसभा में होने वाला फ्लोर टेस्ट तय करेगा कि नई सरकार कितनी मजबूत है हालांकि सत्ता पक्ष पहले ही जीत का दावा ठोक चुका है। डिप्टी सीएम Vijay Kumar Chaudhary ने साफ कहा है कि सरकार न सिर्फ विश्वास मत हासिल करेगी, बल्कि “मजबूत बहुमत” के साथ अपनी स्थिति साबित करेगी।
सिर्फ बहुमत नहीं, मजबूती दिखेगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम ने कहा “24 तारीख को विधानसभा सत्र इसी के लिए बुलाया गया है। हम साधारण नहीं, मजबूत बहुमत से विश्वास मत हासिल करेंगे।” उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार को पर्याप्त संख्या बल हासिल है और किसी तरह की अस्थिरता की स्थिति नहीं है।
‘नीतीश मॉडल’ पर ही आगे बढ़ रही सरकार
डिप्टी सीएम ने साफ संकेत दिया कि नई सरकार भले ही नेतृत्व में बदली हो, लेकिन नीति और दिशा वही रहेगी। “जो रास्ता Nitish Kumar ने बनाया, सरकार उसी पर आगे बढ़ रही है।” उन्होंने कहा कि एनडीए को पिछले 20 सालों से जनता का भरोसा मिलता रहा है और वही भरोसा अब भी कायम है।
कर्ज और विपक्ष के आरोपों पर पलटवार
विपक्ष द्वारा 12 हजार करोड़ के कर्ज के मुद्दे पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा “बिहार की जनता विकास देखती है, खजाने की स्थिति नहीं। अभी हालात वैसे नहीं हैं जैसे पहले हुआ करते थे।” यह बयान सीधे तौर पर विपक्ष, खासकर Tejashwi Yadav के आरोपों पर पलटवार माना जा रहा है।
कैबिनेट विस्तार के संकेत
सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज है। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा “कैबिनेट विस्तार जल्द होगा, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने 2020 के चुनावी आंकड़ों का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन हमेशा संतुलन के साथ चला है।
शराबबंदी पर भी साफ रुख
जेडीयू विधायक अनंत सिंह के शराबबंदी खत्म करने वाले बयान पर डिप्टी सीएम ने दूरी बनाते हुए कहा “यह उनका व्यक्तिगत विचार है, पार्टी का नहीं।”
बिहार की सियासत में नया चेहरा लेकिन पुराना मॉडल अब असली सवाल यही है क्या सम्राट चौधरी सरकार फ्लोर टेस्ट में ताकत दिखाकर अपनी वैधता मजबूत करेगी या विपक्ष कोई सियासी उलटफेर करने में कामयाब होगा शुक्रवार का दिन तय करेगा कि बिहार की नई सत्ता कितनी स्थिर है।




