मेरठ में परशुराम जयंती जुलूस पर पुलिस की सख्ती: DSP ने माइक संभालकर दी चेतावनी- “फरसा लहराओगे तो सीधे FIR”

The Red Ink
परशुराम जयंती के मौके पर मेरठ में निकली शौर्य यात्रा उस समय विवादों में घिर गई, जब जुलूस के बीच पुलिस की एंट्री हुई और मौके पर मौजूद डिप्टी एसपी Suchita Singh ने खुद माइक संभाल लिया। हाथों में फरसा और डंडा लेकर चल रहे युवकों को देखकर उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी- पहचान की जा रही है, और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

माइक पर आईं DSP, मौके पर ही सख्त ऐलान
जुलूस के बीच खड़ी DSP ने सीधे भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी फरसा या डंडा लहराते नजर आएंगे, उन सभी पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि पूरे जुलूस की फोटोग्राफी कराई जा रही है और हर व्यक्ति की पहचान की जा रही है साथ ही लोगों को तत्काल डंडे अलग करने के निर्देश दिए गए। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

यूनिवर्सिटी गेट पर थमा जुलूस, वहीं बदला माहौल
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (CCSU) गेट के सामने से गुजर रही इस शौर्य यात्रा में बड़ी संख्या में युवक शामिल थे। कई लोग परशुराम के प्रतीक फरसे और डंडों के साथ चल रहे थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने जुलूस को यहीं रोक दिया। इसके बाद DSP ने मौके पर ही हस्तक्षेप करते हुए पूरी भीड़ को संबोधित किया और सख्ती का संदेश दिया।

पूरे जिले में निकली शोभायात्राएं, कई जगह शक्ति प्रदर्शन
रविवार को परशुराम जयंती के अवसर पर मेरठ जिले में शहर से लेकर देहात तक कई जगह जुलूस और शोभायात्राएं निकाली गईं।
दिल्ली रोड, परतापुर क्षेत्र में निकली एक शोभायात्रा में भी युवकों ने तलवार, डंडे और फरसे के साथ भाग लिया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राज्यमंत्री Somendra Tomar मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे और जुलूस में बुलडोजर भी शामिल किया गया।

वीडियो वायरल, सोशल मीडिया से सड़कों तक नाराज़गी
DSP की चेतावनी का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। ब्राह्मण और त्यागी समाज के बीच इसे लेकर नाराज़गी खुलकर सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि धार्मिक प्रतीकों पर सख्ती दिखाई जा रही है, जबकि दूसरे मामलों में ऐसी सक्रियता नहीं दिखती।

समाज के नेताओं ने भी उठाए सवाल
त्यागी ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष Mangeram Tyagi ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि जहां अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है, वहां धार्मिक आयोजनों में सख्ती दिखाई जा रही है। वहीं राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष Shrikant Tyagi ने आरोप लगाया कि परशुराम जयंती के एक निजी आयोजन को भी अनुमति नहीं दी गई और अब जुलूस में शामिल लोगों को इस तरह चेतावनी दी जा रही है।

कौन हैं DSP शुचिता सिंह?
डिप्टी एसपी शुचिता सिंह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता अखिलेश सिंह पूर्व PCS अधिकारी रह चुके हैं। उनकी बहन मुदिता सिंह J.P. Morgan & Chase में वाइस प्रेसिडेंट हैं। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सर्वश्रेष्ठ कैडेट का अवॉर्ड मिला था। मेरठ में लंबे समय से तैनात शुचिता सिंह CO दौराला रह चुकी हैं और शहर में कई अहम कार्रवाइयों का हिस्सा रही हैं। 2024 में उनकी शादी गाजीपुर के पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह के बेटे से हुई थी।

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