The Red Ink
Indian Premier League 2026 के सीजन में जहां मैदान पर टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, वहीं अब एक नया विवाद खेल भावना पर सवाल खड़े कर रहा है। Chennai Super Kings (CSK) ने Royal Challengers Bengaluru (RCB) के होम ग्राउंड एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच के दौरान बजाए गए गानों और DJ की टिप्पणियों को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। मामला अब Board of Control for Cricket in India (BCCI) के पास पहुंच चुका है, जिसने जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा विवाद?
CSK की आपत्ति उस वायरल गाने को लेकर है जिसमें “डोसा, इडली, सांभर, चटनी” जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाते हैं। टीम का मानना है कि यह गाना अक्सर दक्षिण भारतीयों को लेकर बनाए गए स्टीरियोटाइप्स से जुड़ा रहा है और इसे स्टेडियम में बजाना खेल के माहौल के लिहाज से सही नहीं था। टीम ने यह भी कहा कि केवल गाना ही नहीं, बल्कि मैच के दौरान DJ द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां भी ऐसी थीं जो विपक्षी खिलाड़ियों को नीचा दिखाने वाली लगीं।
CSK मैनेजमेंट का सख्त रुख
CSK के मैनेजिंग डायरेक्टर Kasi Viswanathan ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराज़गी जताते हुए साफ कहा कि स्टेडियम DJ का काम घरेलू टीम का उत्साह बढ़ाना होता है, न कि विरोधी टीम के खिलाड़ियों पर टिप्पणी करना। उनके मुताबिक, जब चेन्नई के खिलाड़ी आउट हो रहे थे, उस वक्त DJ की प्रतिक्रियाएं खेल भावना के अनुरूप नहीं थीं। इसी को आधार बनाते हुए टीम ने BCCI से पूरे मामले की जांच की मांग की है।
पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा
यह गाना पहले भी CSK और RCB फैंस के बीच विवाद की वजह बन चुका है। सोशल मीडिया पर लंबे समय से इसे लेकर खींचतान चलती रही है। पिछले सीजन में RCB की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में Jitesh Sharma इस गाने को गाते नजर आए थे, जिसके बाद CSK समर्थकों ने विरोध जताया था। CSK का कहना है कि तब लगा था कि मामला यहीं खत्म हो जाएगा लेकिन स्टेडियम में फिर वही चीज दोहराई गई।
मैदान के प्रदर्शन पर भी नजर
विवाद के बीच टूर्नामेंट में दोनों टीमों की स्थिति भी चर्चा में है। RCB ने Lucknow Super Giants को हराकर पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल किया है दूसरी ओर CSK 5 मैचों में 4 अंकों के साथ आठवें स्थान पर बनी हुई है
अब क्या होगा आगे?
BCCI के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि शिकायत मिल चुकी है और गवर्निंग काउंसिल इस पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। अब फैसला बोर्ड को लेना है कि यह मामला केवल चेतावनी तक सीमित रहेगा या फिर मैच आयोजन से जुड़े लोगों पर कोई सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।




