सुप्रीम कोर्ट ने SIR को बताया वैध, चुनाव आयोग के अधिकार पर लगाई मुहर

The Red Ink
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की जांच और पुनरीक्षण करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने माना कि SIR प्रक्रिया कानून और संविधान के दायरे में की गई कार्रवाई है।

बिहार चुनाव के दौरान शुरू हुआ था विवाद
बिहार विधानसभा चुनाव के समय मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी। आरोप लगाए गए थे कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए किया जा सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चुनाव आयोग को बड़ी राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस Surya Kant ने कहा कि सभी पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि चुनाव आयोग अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर काम कर रहा था। कोर्ट ने कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि चुनाव आयोग ने SIR लागू करके अपनी वैधानिक सीमाओं का उल्लंघन किया है।

अदालत ने तीन बड़े सवालों पर दिया जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में तीन अहम बिंदुओं पर चर्चा की क्या चुनाव आयोग को SIR जैसी प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार है? क्या यह प्रक्रिया किसी वैध उद्देश्य के लिए अपनाई गई? क्या SIR के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और नियमों के खिलाफ है? अदालत ने तीनों मामलों में चुनाव आयोग के पक्ष को सही माना।

‘संविधान के दायरे में हुई कार्रवाई’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 21(3) चुनाव आयोग को विशेष संशोधन करने की अनुमति देती है। इसलिए SIR को अवैध या ‘अल्ट्रा वायर्स’ नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया नियमित संशोधन की जगह नहीं लेती, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत करने का काम करती है।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी मुहर
अदालत ने कहा कि SIR के दौरान चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और वैध प्रक्रिया अपनाई। इसलिए इस कार्रवाई को मनमाना या असंवैधानिक नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को आने वाले चुनावों और मतदाता सूची से जुड़े मामलों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

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