Saudi Arabia Oil Pipeline Shutdown के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 107.82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण वैकल्पिक तेल निर्यात मार्ग है, क्योंकि इसके जरिए कच्चे तेल को होर्मुज़ स्ट्रेट से बचाकर लाल सागर के रास्ते भेजा जा सकता है।
पाइपलाइन बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह पाइपलाइन हाल के महीनों में रोजाना करीब 40 से 50 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रही थी, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग 4 से 5 फीसदी के बराबर है। ऐसे में इसके लंबे समय तक बंद रहने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई का दबाव और बढ़ सकता है।
Saudi Arabia Oil Pipeline Shutdown के बाद तेल की कीमतों में उछाल
Saudi Arabia Oil Pipeline Shutdown की खबर के बाद तेल बाजार में तेजी तेज हो गई। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड वायदा 3.21 डॉलर यानी करीब 3.1 फीसदी बढ़कर 107.82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। WTI क्रूड भी करीब 3.2 फीसदी चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
बाद के कारोबार में ब्रेंट में करीब 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही। बाजार में तेजी की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका है।
पिछले सप्ताह भी कच्चे तेल की कीमतों में करीब 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी और ब्रेंट 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था। मौजूदा घटनाक्रम ने इस तेजी को और बढ़ा दिया है।
सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन इतनी अहम क्यों है?
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन करीब 1,200 किलोमीटर लंबी है। यह देश के पूर्वी हिस्से के तेल क्षेत्रों को पश्चिम में लाल सागर के तट पर स्थित यानबू बंदरगाह से जोड़ती है।
इसका सबसे बड़ा रणनीतिक महत्व यह है कि सऊदी अरब इसके जरिए अपने कच्चे तेल को होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजारे बिना लाल सागर के रास्ते निर्यात कर सकता है। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच यह मार्ग सऊदी तेल निर्यात के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
यही वजह है कि पाइपलाइन का संचालन रुकना केवल सऊदी अरब की समस्या नहीं है। इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।
ड्रोन हमले के बाद क्यों बंद की गई पाइपलाइन?
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के रियाद और मदीना क्षेत्रों में ड्रोन हमले हुए थे। हमलों में लोगों के घायल होने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने पाइपलाइन को एहतियाती तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
रिपोर्टों के अनुसार, ड्रोन इराकी क्षेत्र से लॉन्च किए जाने की बात सामने आई है। इराक में इस मामले की जांच भी शुरू हुई। हालांकि, पाइपलाइन पर हुए हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने स्वीकार नहीं की थी। इसलिए इसे सीधे किसी एक समूह के हमले के रूप में पेश करना अभी उचित नहीं होगा।
वैश्विक तेल सप्लाई पर कितना असर?
ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन हाल के महीनों में करीब 40 से 50 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल ले जा रही थी। यह मात्रा वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग 4 से 5 फीसदी के बराबर है। इसी कारण पाइपलाइन के लंबे समय तक बंद रहने की स्थिति में बाजार में सप्लाई को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो सकती है।
हालांकि, पाइपलाइन बंद होने का मतलब यह नहीं है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का पूरा 4-5 फीसदी हिस्सा तुरंत बाजार से गायब हो गया है। सऊदी अरब के पास यानबू सहित अन्य स्थानों पर तेल भंडार मौजूद हैं, जिनके जरिए कुछ समय तक निर्यात जारी रखा जा सकता है। लेकिन अगर पाइपलाइन की मरम्मत में ज्यादा समय लगता है, तो दबाव बढ़ सकता है।
हूती हमले और ईरान से जुड़ा तनाव भी बढ़ा रहा चिंता
तेल बाजार में तेजी केवल सऊदी पाइपलाइन बंद होने तक सीमित नहीं है। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने पहले से ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को दबाव में रखा हुआ है।
रिपोर्टों के मुताबिक हूती बलों की गतिविधियों और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर ईरानी हमलों से भी बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा बाब अल-मंदेब और होर्मुज़ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताएं तेल की ढुलाई और शिपिंग लागत पर असर डाल रही हैं।
ऐसे माहौल में सऊदी अरब की वैकल्पिक तेल पाइपलाइन का बंद होना बाजार के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
क्या और महंगा हो सकता है कच्चा तेल?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाइपलाइन कितने समय तक बंद रहती है। अगर सऊदी अरब जल्द ही पाइपलाइन को दोबारा चालू करने में सफल रहता है तो बाजार पर दबाव कुछ कम हो सकता है। लेकिन अगर मरम्मत में लंबा समय लगता है और दूसरी तरफ मध्य पूर्व में तनाव जारी रहता है, तो तेल की कीमतों में और तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Saudi Arabia Oil Pipeline Shutdown ने ऐसे समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार को झटका दिया है, जब पहले से ही होर्मुज़ स्ट्रेट और लाल सागर क्षेत्र में तनाव के कारण तेल की आवाजाही प्रभावित है। यही वजह है कि बाजार की नजर अब पाइपलाइन की मरम्मत और सऊदी तेल निर्यात की स्थिति पर टिकी हुई है।
फिलहाल ब्रेंट क्रूड का 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना इस बात का संकेत है कि बाजार मध्य पूर्व में किसी भी नई सप्लाई बाधा को बेहद गंभीरता से ले रहा है।




