The Red Ink
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को शनिवार को एक नई ऐतिहासिक पहचान मिली, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान तीनों नेताओं ने सेवानिवृत्त युद्धपोत INS गोमती का अवलोकन किया और वाटिका में प्रदर्शित नौसैनिक उपकरणों एवं सैन्य विरासत से जुड़ी प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ तक का सफर
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश को अपराध और माफिया संस्कृति के कारण नकारात्मक रूप से देखा जाता था। लेकिन आज राज्य ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अब उत्तर प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसी विकासोन्मुख योजनाओं के लिए जाना जा रहा है, जिसने राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों को नई दिशा दी है।
‘हर क्षेत्र में UP अब Up हो रहा है’
राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से नौसेना शौर्य वाटिका का भ्रमण करने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि देशभक्ति, सैन्य पराक्रम और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित सभी युद्धपोतों और हथियारों के हिस्से वास्तविक हैं और युवाओं को भारतीय नौसेना की ताकत तथा समर्पण को समझने का अवसर देंगे।
19 करोड़ की लागत से तैयार हुई शौर्य वाटिका
लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह वाटिका दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है। इकाना स्टेडियम के निकट स्थित इस परिसर का मुख्य आकर्षण भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत INS गोमती है। करीब 35 वर्षों तक देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने वाले इस युद्धपोत को 2022 में नौसेना सेवा से हटाया गया था। इसके विभिन्न हिस्सों को संरक्षित कर यहां प्रदर्शित किया गया है ताकि आम नागरिक भारतीय नौसेना की तकनीकी क्षमता और युद्धक संरचना को करीब से समझ सकें। वाटिका में AK-726 मीडियम रेंज गन, टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम और युद्धपोत का विशाल प्रोपेलर जैसे कई महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण भी प्रदर्शित किए गए हैं।
योगी बोले- मजबूत सुरक्षा ही विकास की बुनियाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि जब तक देश और समाज सुरक्षित नहीं होगा, तब तक विकास की गति भी प्रभावित रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रयास किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने सैनिकों और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान को विकसित भारत के निर्माण की अनिवार्य शर्त बताया।
नौसेना प्रमुख ने बताया यूपी और समुद्र का अनोखा रिश्ता
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भले ही उत्तर प्रदेश समुद्र तट वाला राज्य नहीं है, लेकिन इसकी नदियां अंततः समुद्र से जुड़ती हैं। उन्होंने गोमती, घाघरा और गंगा के माध्यम से प्रदेश के समुद्री संपर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दृष्टि से उत्तर प्रदेश भी समुद्री विरासत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के युवा भारतीय नौसेना में सेवा दे रहे हैं और राज्य देश के रक्षा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस परियोजना की भी मिलेगी जानकारी
नौसेना शौर्य वाटिका केवल सैन्य विरासत का प्रदर्शन स्थल नहीं होगी, बल्कि यहां आने वाले लोगों को उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना और आधुनिक रक्षा तकनीकों की भी जानकारी मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वाटिका युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें रक्षा क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।




