The Red Ink
देशभर में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। उत्तर और मध्य भारत जहां भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी है। इसी बीच मौसम विभाग का मानसून को लेकर पहले दिया गया अनुमान भी बदल गया है। केरल में मानसून की एंट्री अब तय समय से कुछ दिन देरी से होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक इसके पीछे ‘सुपर अल-नीनो’ जैसी वैश्विक मौसमी स्थिति को बड़ी वजह मान रहे हैं।
क्यों बदला मानसून का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग ने 17 मई को संकेत दिए थे कि मानसून 26 मई तक केरल पहुंच सकता है, लेकिन बाद में स्थिति बदल गई। अब अनुमान है कि मानसून 2 से 4 जून के बीच केरल तट से टकराएगा।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनी मौसमी परिस्थितियों में बदलाव के कारण मानसून की रफ्तार धीमी हुई है। फिलहाल मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय नहीं हो सकी हैं, जिसकी वजह से इसका आगे बढ़ना प्रभावित हुआ।
क्या है सुपर अल-नीनो, जिससे बढ़ी दुनिया की चिंता?
अल-नीनो प्रशांत महासागर से जुड़ी एक प्राकृतिक जलवायु प्रणाली है, जो हर कुछ वर्षों में सक्रिय होती है। इसके दौरान समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है और इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ता है। इस बार वैज्ञानिक ‘सुपर अल-नीनो’ की आशंका जता रहे हैं। इसका मतलब है कि समुद्री तापमान में असामान्य रूप से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यही वजह है कि कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसे हालात बनने की चेतावनी दी जा रही है।
भारत पर क्या पड़ रहा असर?
भारत में अल-नीनो का सीधा असर मानसून और गर्मी पर देखने को मिलता है। आमतौर पर इसके दौरान मानसून कमजोर पड़ता है और कई इलाकों में बारिश कम हो जाती है। इस बार भी उत्तर भारत में तेज गर्मी और लू के हालात इसी बदलाव से जुड़े माने जा रहे हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वहीं कुछ हिस्सों में रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में लू का कहर
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। दिनभर तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कई हिस्सों में भी लू का असर बना हुआ है। कई शहरों में पारा लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर
दूसरी ओर केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। केरल के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
कब मिलेगी गर्मी से राहत?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों को 29 मई के बाद राहत मिलनी शुरू हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ और नमी बढ़ने से कई शहरों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश के आसार हैं।
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार शाम से मौसम बदल सकता है। बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में 7 से 8 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू का असर अभी कुछ दिन और बना रह सकता है।
वैज्ञानिक क्यों हैं चिंतित?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुपर अल-नीनो की स्थिति और मजबूत हुई तो दुनिया के कई हिस्सों में मौसम बेहद असामान्य हो सकता है। इससे सूखा, बाढ़, जंगलों में आग और समुद्री तूफानों का खतरा बढ़ सकता है।
भारत में भी इसका असर कृषि, जल संकट और बिजली की मांग पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ हफ्ते मौसम के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।




