The Red Ink
अमेरिका की ओर से दक्षिणी ईरान में किए गए ताज़ा हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei का बयान सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने लिखित संदेश जारी कर कहा कि खाड़ी क्षेत्र के देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ढाल नहीं बनेंगे। उन्होंने अमेरिका और इजराइल दोनों पर तीखा हमला बोला।
अमेरिकी हमलों के बाद जारी हुआ संदेश
मीडिया reports के अनुसार, ईरानी सरकारी टेलीविजन पर सुप्रीम लीडर का लिखित संदेश प्रसारित किया गया। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रहे जहाज़ों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई, ताकि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाया जा सके।
“समय का पहिया पीछे नहीं जाएगा”
अपने संदेश में मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा कि अब क्षेत्रीय हालात बदल चुके हैं और खाड़ी देशों को अमेरिकी सैन्य रणनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि “समय का पहिया अब पीछे नहीं मुड़ेगा” और आने वाले दौर में इस क्षेत्र की ज़मीन अमेरिकी ठिकानों के लिए सुरक्षा कवच नहीं बनेगी।
अमेरिका और इजराइल पर साधा निशाना
ईरानी सुप्रीम लीडर ने अमेरिका की वैश्विक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार अपनी पुरानी ताकत और प्रभाव खोता जा रहा है। संदेश में इजराइल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “अस्थिर ज़ायोनी शासन अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।”
पुराने बयान का भी किया जिक्र
ख़ामेनेई ने अपने पिता के करीब दस साल पुराने बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय कहा गया था कि इजराइल “अगले 25 साल का इतिहास नहीं देख पाएगा।”
मार्च में बने थे सुप्रीम लीडर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च में सुप्रीम लीडर बनने के बाद से मोजतबा ख़ामेनेई सार्वजनिक मंच पर नजर नहीं आए हैं। अब तक उन्होंने केवल लिखित संदेशों के जरिए ही अपनी बात रखी है।




