The Red Ink
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक (PA) रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हवाले कर दी गई है। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच के लिए एजेंसी ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश करेगा।
CBI की एंट्री, 7 अफसरों की टीम करेगी जांच
केंद्रीय एजेंसी ने 7 सदस्यों की एक SIT बनाई है, जो कोलकाता में तैनात संयुक्त निदेशक (हेड ऑफ ज़ोन) की निगरानी में काम करेगी। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है और शुरुआती साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
पहले पुलिस और CID कर रही थी जांच
इससे पहले इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस और CID के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम कर रही थी। लेकिन मामले की गंभीरता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए इसे CBI को सौंप दिया गया।
कैसे हुई थी वारदात
6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने पहले उनकी गाड़ी को रोका, फिर दो बाइक सवार शूटरों ने बेहद करीब से फायरिंग की। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ड्राइवर भी घायल, इलाज जारी
इस हमले में रथ के ड्राइवर बुद्धदेव बेरा भी गोली लगने से घायल हुए थे। उनका फिलहाल कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तीन संदिग्ध हिरासत में
जांच के दौरान पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें मयंक मिश्रा, विकास मौर्य, राज सिंह शामिल हैं। इनसे पूछताछ के जरिए साजिश की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
क्या है आगे की दिशा
CBI अब इस केस में हत्या की साजिश, शूटर्स की भूमिका और संभावित मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों की जांच करेगी। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।




