Trump Iran Conflict को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ईरान के Pickaxe Mountain को बहुत जल्द निशाना बना सकता है। यह जगह ईरान के Natanz परमाणु संयंत्र के पास स्थित एक बेहद मजबूत और भूमिगत ठिकाना है, जहां गहरी सुरंगों वाले परिसर मौजूद हैं। ट्रंप के इस बयान से ईरान के परमाणु ढांचे को लेकर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के और विस्तार की आशंका बढ़ गई है।
Trump Iran Conflict में Pickaxe Mountain पर ट्रंप की नजर
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के इस संवेदनशील ठिकाने पर जल्द कार्रवाई कर सकता है। Pickaxe Mountain को ईरान के महत्वपूर्ण भूमिगत परमाणु स्थलों में से एक माना जाता है और यह Natanz के नजदीक स्थित है।
इस परिसर के बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी सीमित है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक यह पहाड़ के भीतर काफी गहराई में बना हुआ है और यहां भूमिगत सुरंगों का नेटवर्क मौजूद है। इसकी मजबूत संरचना इसे सामान्य हवाई हमले के मुकाबले कठिन लक्ष्य बनाती है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ता दबाव
अमेरिका की ओर से Pickaxe Mountain को निशाना बनाने की धमकी ऐसे समय आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार बना हुआ है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता को सीमित करना है।
Pickaxe Mountain जैसे गहरे भूमिगत ठिकाने इसलिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि ऐसी संरचनाओं को नष्ट करना सैन्य रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ट्रंप बोले- इसे युद्ध नहीं, सैन्य संघर्ष कहता हूं
ट्रंप ने ईरान के साथ जारी टकराव को लेकर अपनी भाषा भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते और वह इसे “military conflict” यानी सैन्य संघर्ष कहते हैं।
ट्रंप ने इस संघर्ष को अमेरिका के लिए अपेक्षाकृत मामूली बताते हुए कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई का उदाहरण भी दिया और कहा कि वहां अमेरिका को कोई हताहत नहीं हुआ, जबकि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका ने 18 लोगों को खोया है।
ट्रंप ने इसकी तुलना वियतनाम युद्ध से भी की, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका के एक लाख लोगों की जान गई थी। उनका तर्क था कि ईरान के साथ मौजूदा सैन्य संघर्ष की अमेरिकी हताहतों की संख्या उन पुराने युद्धों की तुलना में काफी कम है।
JD Vance ने भी युद्ध कहने से किया इनकार
ट्रंप से एक दिन पहले उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी ईरान के साथ अमेरिकी टकराव को युद्ध कहने से इनकार किया था।
Vance ने कहा था कि वह इसे युद्ध नहीं कहेंगे। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को सैन्य संघर्ष के तौर पर पेश किया और कहा कि बड़े स्तर के सैन्य अभियान खत्म हो चुके हैं, हालांकि बीच-बीच में तनाव और हमले जारी हैं।
ट्रंप ने शुक्रवार को Vance की इसी स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि वह भी इसे युद्ध के बजाय सैन्य संघर्ष कहना पसंद करते हैं।
अमेरिका ने खोए 18 सैनिक, ट्रंप ने किया जिक्र
Trump Iran Conflict पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत का भी उल्लेख किया।
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ जारी संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं। इस संघर्ष पर अमेरिका को 37.5 अरब डॉलर से अधिक की लागत आने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
इसके बावजूद ट्रंप ने संघर्ष को अमेरिका के लिए “small potatoes” यानी अपेक्षाकृत मामूली बताते हुए अपनी सरकार की सैन्य नीति का बचाव किया।
ईरान के लिए कितना बड़ा खतरा है Pickaxe Mountain?
Pickaxe Mountain की खासियत इसकी भूमिगत संरचना है। रिपोर्टों के अनुसार यह Natanz के पास स्थित है और पहाड़ के भीतर काफी गहराई में बनाया गया परिसर है। ऐसे ठिकानों को निशाना बनाना इसलिए मुश्किल माना जाता है क्योंकि इनके महत्वपूर्ण हिस्से जमीन के काफी नीचे सुरक्षित हो सकते हैं।
अगर अमेरिका वास्तव में इस स्थान पर हमला करता है, तो इससे ईरान के साथ सैन्य तनाव और बढ़ सकता है। साथ ही क्षेत्र में ईरान की प्रतिक्रिया और व्यापक क्षेत्रीय असर को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल ट्रंप के बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों को अभी पूरी तरह खत्म नहीं कर रहा है। Pickaxe Mountain पर संभावित कार्रवाई इस संघर्ष के अगले चरण का महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकती है।
वहीं, अमेरिकी प्रशासन की ओर से संघर्ष को “युद्ध” नहीं बल्कि “सैन्य संघर्ष” कहने की कोशिश भी राजनीतिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। एक तरफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी है, दूसरी तरफ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति इसकी गंभीरता को सीमित शब्दों में पेश कर रहे हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अमेरिका वास्तव में Pickaxe Mountain पर हमला करता है और अगर ऐसा होता है तो ईरान की प्रतिक्रिया क्या रहती है।




