Jantar Mantar Protest के दौरान प्रदर्शनकारी निशु के पिता संजय के साथ कथित मारपीट का मामला अब दिल्ली पुलिस तक पहुंच गया है। पिता के लिए न्याय की मांग को लेकर आशुतोष रांका नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान संजय के साथ मारपीट की गई और उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। रांका ने दिल्ली पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है।
Jantar Mantar Protest में संजय के साथ मारपीट का आरोप
आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु के पिता संजय के साथ मारपीट हुई। उनका आरोप है कि इस दौरान संजय का सिर फोड़ दिया गया और घटना खुलेआम हुई।
रांका ने कहा कि सौरव और उनकी पूरी टीम लगातार दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि कथित तौर पर मारपीट करने वालों को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाए।
उनका आरोप है कि इसके बावजूद दिल्ली पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
हत्या के प्रयास की धारा लगाने की मांग
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में अगर किसी प्रदर्शनकारी के पिता के साथ इस तरह की घटना होती है और उसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने दिल्ली पुलिस से मांग की कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत जितनी भी संगीन धाराएं लागू होती हैं, उनके तहत कार्रवाई की जाए। रांका ने इस पूरे मामले को देश के लिए शर्मनाक बताया।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?
इस मामले में सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक शख्स का एक वीडियो भी वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर संजय के सिर पर चोट पहुंचाने की बात करता सुनाई देता है।
वीडियो में वह कथित तौर पर कहता है कि संजय का सिर फोड़ा गया और उनके सिर पर सात टांके लगे थे। इसी दौरान वह हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा 307 का भी जिक्र करता है।
वीडियो में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि अगले दिन वह बाहर था और उसे जेल नहीं जाना पड़ा।
हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि और वीडियो की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि अलग से किया जाना जरूरी है।
दिल्ली पुलिस पर उठे सवाल
Jantar Mantar Protest से जुड़े इस मामले में दिल्ली पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आशुतोष रांका का आरोप है कि उनकी टीम ने लगातार पुलिस से कथित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पर राजनीतिक दबाव था और इसी वजह से कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, ये आरोप हैं और इन्हें पुलिस या संबंधित पक्ष की आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर क्या कहा?
इस मामले में एक अहम सवाल स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर भी है। प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के बारे में दिल्ली पुलिस का क्या कहना है, यह इस मामले की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की ओर से स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर जानकारी सामने आई है। ऐसे में मामले को समझने के लिए वायरल वीडियो में किए गए दावों के साथ-साथ पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी देखना जरूरी है।
किसी वायरल वीडियो में किए गए दावे अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित नहीं करते। मामले में पुलिस की जांच, मेडिकल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
क्या है पूरा विवाद?
मामला जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान संजय के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी निशु के पिता के साथ हुई घटना को लेकर अब उनके समर्थक और टीम कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आशुतोष रांका का कहना है कि संजय के सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। इसी आधार पर उनकी मांग है कि मामले में गंभीर धाराएं लगाई जाएं और कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
दूसरी ओर, मामले में सामने आने वाले पुलिस के तथ्यों और जांच के परिणाम से ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ, किन लोगों की भूमिका थी और किन धाराओं के तहत कार्रवाई बनती है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात दिल्ली पुलिस की जांच और उसका आधिकारिक पक्ष है। यदि पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों से मारपीट या अन्य गंभीर अपराध की पुष्टि होती है, तो उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Jantar Mantar Protest से जुड़े इस विवाद ने एक बार फिर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब निगाह इस बात पर है कि दिल्ली पुलिस मामले में क्या कार्रवाई करती है और जांच के बाद किन लोगों के खिलाफ कौन सी धाराएं लगाई जाती हैं।




