Muskan Murder Case में मोबाइल चैट से सामने आया अहम सुराग…
Muskan Murder Case की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस को हत्या की वजह और आरोपी आकिब उर्फ इमरान के अतीत से जुड़े कई अहम सुराग मिल रहे हैं। नई दिल्ली के तिलक नगर स्थित ओल्ड महावीर नगर में 21 वर्षीय मुस्कान शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच व्यक्तिगत विवाद, शक और आरोपी के गुस्सैल व्यवहार की ओर इशारा कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने मुस्कान का वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसे हत्या के बाद आरोपी अपने साथ ले गया था।
मोबाइल की जांच में मुस्कान और आकिब के बीच हुई बातचीत के अलावा एक अन्य युवक के साथ मुस्कान की चैट भी सामने आई है। पुलिस को शक है कि इसी बातचीत को देखकर आकिब नाराज हुआ और दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस अभी अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है।
मोबाइल में मिली चैट से बढ़ी जांच की अहम कड़ी
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आकिब मुस्कान का मोबाइल फोन अपने साथ ले गया था। बाद में यह फोन पुलिस के हाथ लगा और उसकी जांच शुरू की गई।
जांच में पता चला कि मुस्कान की एक अन्य युवक से भी बातचीत होती थी। पुलिस के अनुसार, आकिब ने कथित तौर पर यह बातचीत देख ली थी। इसके बाद दोनों के बीच इसी बात को लेकर कहासुनी हुई।
पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद आकिब ने मुस्कान का फोन देखा था। दूसरे युवक से बातचीत को लेकर वह नाराज हो गया। विवाद बढ़ने पर मुस्कान ने उसे वहां से चले जाने के लिए कहा। आरोप है कि इसके बाद आकिब ने चाकू से मुस्कान पर हमला कर दिया।
मुस्कान के पेट और सीने पर कई वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अब मोबाइल चैट और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद वास्तव में किस वजह से शुरू हुआ और घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी।
मुस्कान ने पहले भी आकिब के खिलाफ की थी शिकायत
Muskan Murder Case में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि मुस्कान ने इससे पहले आकिब के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई को मुस्कान ने उसे परेशान करने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि शिकायत के बाद दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था और क्या पहले से किसी विवाद को लेकर तनाव चल रहा था।
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि शिकायत के बाद आकिब के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई थी और इसके बावजूद उसका मुस्कान से संपर्क किस तरह जारी रहा।
आकिब का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
मामले में आरोपी आकिब उर्फ इमरान का पुराना रिकॉर्ड भी पुलिस की जांच का अहम हिस्सा बन गया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं।
वर्ष 2018 में एक नाबालिग से छेड़छाड़ और विरोध करने पर उसका हाथ तोड़ने के आरोप में आकिब के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी। इसके बाद वर्ष 2021 में एक व्यक्ति पर पत्थर की सिल्ली से जानलेवा हमला करने के मामले में भी वह जेल जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, दोनों मामले अदालत में लंबित बताए गए हैं। आकिब तिलक नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी रहा है। उसका यह पुराना रिकॉर्ड अब मौजूदा हत्या की जांच में भी खंगाला जा रहा है।
जिम में नौकरी कैसे मिली, पुलिस कर रही जांच
आकिब के पुराने रिकॉर्ड के सामने आने के बाद पुलिस अब उसकी नियुक्ति से जुड़े पहलू की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी रह चुके आकिब को जिम में काम कैसे मिला।
इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नौकरी पर रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया था या नहीं। अगर सत्यापन हुआ था तो उसमें उसके पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आई थी या नहीं, इस पहलू की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के लिए यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह पता चल सकता है कि आरोपी की पृष्ठभूमि के बारे में उसके नियोक्ता को पहले से कोई जानकारी थी या नहीं।
नशे की लत और नशामुक्ति केंद्र का भी कनेक्शन
जांच में आकिब की नशे की लत से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, उसे नशामुक्ति केंद्र भेजा गया था।
बताया गया है कि केंद्र में रहने के दौरान उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। इसके बाद 30 जुलाई को उसे वहां से छोड़ दिया गया था। पुलिस अब उसके व्यवहार और हाल की गतिविधियों को उसके पुराने रिकॉर्ड के साथ जोड़कर देख रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नशामुक्ति केंद्र से निकलने के बाद आकिब किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियां किस तरह की थीं।
पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार
मुस्कान की हत्या के बाद फरार हुए आकिब को पकड़ने के दौरान भी पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, राजौरी गार्डन के नाला रोड पर गिरफ्तारी से पहले आकिब ने पुलिस टीम पर चार गोलियां चलाईं।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में सात राउंड फायर किए। इस दौरान तीन गोलियां आकिब के दोनों पैरों में लगीं। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और आगे की पूछताछ शुरू की।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान आकिब को किसने मदद पहुंचाई थी और उसके पास हथियार कहां से आया था।
हत्या के साथ हथियार और मददगारों की भी जांच
Muskan Murder Case अब केवल हत्या की वजह तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और उसके संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फरारी के दौरान आकिब को किसने शरण या दूसरी तरह की मदद दी। इसके साथ ही पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिसने कथित तौर पर उसे हथियार उपलब्ध कराया।
डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी के मुताबिक, पूरे मामले में लगातार जांच चल रही है और कई नए तथ्य सामने आए हैं। इन तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस छानबीन कर रही है।
फिलहाल पुलिस मोबाइल चैट, पुराने आपराधिक मामलों, आरोपी की गतिविधियों, हथियार के स्रोत और उसके मददगारों से जुड़े पहलुओं को एक साथ जोड़कर मामले की पूरी कड़ी सामने लाने की कोशिश कर रही है।




