Swine Flu India को लेकर देशभर में बढ़ी चिंता…
Swine Flu India को लेकर मानसून के बीच देश के कई हिस्सों में चिंता बढ़ गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सिर्फ 17 दिनों के भीतर स्वाइन फ्लू के 1,268 नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 2,612 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा 10 से 27 अगस्त के बीच सामने आए मामलों का है। दिल्ली में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ ही दूसरे राज्यों में भी स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है।
स्वाइन फ्लू का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात और केरल समेत कई राज्यों से H1N1 संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों को सतर्क रहने और संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
दिल्ली में 17 दिन में 1,268 नए मरीज
राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक तेजी देखने को मिली है। 10 अगस्त से 27 अगस्त के बीच 1,268 नए मरीज सामने आए। इसके बाद दिल्ली में इस सीजन में रिपोर्ट किए गए मामलों की कुल संख्या 2,612 हो गई।
कम समय में बड़ी संख्या में नए मामले सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है। मानसून के दौरान वायरल और फ्लू जैसे संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।
खासकर बुखार, खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी बताया जा रहा है।
महाराष्ट्र में भी 1,109 मामले सामने आए
महाराष्ट्र में भी H1N1 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 21 अगस्त तक राज्य में 1,109 स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। इनमें मुंबई और पुणे की हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत बताई गई है। राज्य के बड़े शहरों में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी भी बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि गंभीर लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान हो और उन्हें आवश्यकता के अनुसार इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई है। राज्य में 364 मामले सामने आने के बाद सभी 75 जिलों के अस्पतालों को निगरानी और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से 50 वर्षीय महिला की मौत की जानकारी भी सामने आई है। महिला की मौत के बाद राजधानी के अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
हालांकि किसी मरीज की मौत को केवल H1N1 संक्रमण से जोड़ने से पहले चिकित्सकीय रिकॉर्ड और आधिकारिक पुष्टि को आधार बनाना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल संभावित मामलों की निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों पर जोर दे रहा है।
Swine Flu India में वैक्सीन की मांग क्यों बढ़ी?
देश के कई हिस्सों में H1N1 के बढ़ते मामलों का असर फ्लू वैक्सीन की मांग पर भी दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक इस साल फ्लू वैक्सीन की मांग पिछले वर्ष की तुलना में करीब तीन गुना बढ़ी है।
मामलों में बढ़ोतरी के बीच लोग संक्रमण से बचाव को लेकर ज्यादा सतर्क हुए हैं। हालांकि वैक्सीन को लेकर लोगों को डॉक्टर से सलाह लेकर ही निर्णय लेना चाहिए, खासकर अगर व्यक्ति किसी हाई-रिस्क ग्रुप में आता है।
ICMR ने नए स्ट्रेन को लेकर क्या कहा?
स्वाइन फ्लू को लेकर एक अहम राहत की बात भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR की ओर से सामने आई है।
ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के मुताबिक इस समय जांचे जा रहे इन्फ्लुएंजा-ए मामलों में 97 से 98 प्रतिशत मामले H1N1 के हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि देश में किसी नए स्ट्रेन के फैलने की जानकारी नहीं है। मौजूदा संक्रमण पुराने और परिचित मौसमी H1N1 pdm09 वायरस से जुड़ा है।
इसका मतलब यह है कि संक्रमण के मामले भले ही बढ़ रहे हों, लेकिन फिलहाल किसी नए वायरस स्ट्रेन के सामने आने की बात नहीं कही गई है।
क्या हैं स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण?
H1N1 संक्रमण के लक्षण कई बार सामान्य फ्लू जैसे ही दिखाई दे सकते हैं। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं।
कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घर पर लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है।
विशेषज्ञों ने लोगों को खास तौर पर सांस लेने में तकलीफ या हालत तेजी से बिगड़ने की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क की सलाह
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है और संक्रमित व्यक्ति के आसपास संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञ भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं।
इसके अलावा हाथों की सफाई का ध्यान रखना, खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना और फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों से पर्याप्त दूरी रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेना भी उचित नहीं है, क्योंकि हर वायरल संक्रमण में एक जैसा उपचार जरूरी नहीं होता।
कई राज्यों में बढ़ी निगरानी
दिल्ली और महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात और केरल जैसे राज्यों में भी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। अलग-अलग राज्यों में मामलों की संख्या और संक्रमण की स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन मानसून के दौरान फ्लू जैसे संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है।
अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
Swine Flu India: नया स्ट्रेन नहीं, फिर भी सावधानी जरूरी
Swine Flu India को लेकर इस समय सबसे अहम बात यह है कि संक्रमण के मामलों में तेजी जरूर देखी जा रही है, लेकिन ICMR के अनुसार किसी नए H1N1 स्ट्रेन के फैलने की जानकारी नहीं है। मौजूदा मामले मुख्य रूप से परिचित H1N1 pdm09 वायरस से जुड़े बताए गए हैं।
दिल्ली में 17 दिनों में 1,268 नए मामले सामने आने और महाराष्ट्र में 1,109 मामलों की जानकारी के बाद कई राज्यों ने निगरानी बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश में सभी 75 जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में लोगों के लिए घबराने के बजाय सावधानी बरतना ज्यादा जरूरी है। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
वहीं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क और व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे सामान्य बचाव के उपाय संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं।




