UP Election: आज वोटिंग हुई तो BJP-SP का क्या होगा? नए सर्वे ने बढ़ाई योगी की टेंशन

UP Election को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में अभी से माहौल गरमाने लगा है। सत्ता में बीजेपी और विपक्ष में समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला लगातार तेज हो रहा है। इसी बीच इंडिया टुडे और सी-वोटर के नए सर्वे ने राज्य के राजनीतिक समीकरण को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

सर्वे में अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो बीजेपी को 34 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि समाजवादी पार्टी को 30 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 11 सीटें जाने का अनुमान लगाया गया है।

सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी के सहयोगी दलों को 4 सीटें मिलने की संभावना है। इस तरह एनडीए के खाते में कुल 38 सीटें आती दिख रही हैं, जबकि इंडिया गठबंधन को 41 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि यह लोकसभा चुनाव का सर्वे है, इसलिए इसे सीधे विधानसभा चुनाव का परिणाम या अनुमान नहीं माना जा सकता।

UP Election से पहले सर्वे ने बढ़ाई सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में लोकसभा चुनाव के आंकड़ों की अपनी अहमियत है। राज्य में लोकसभा की 80 सीटें हैं और इनका असर केंद्र की सत्ता के समीकरण पर भी पड़ता है। यही वजह है कि चुनाव से पहले आने वाले सर्वे पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर रहती है।

नए सर्वे में बीजेपी को 34 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। बीजेपी के सहयोगियों के लिए चार सीटों का अनुमान है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी को 30 और कांग्रेस को 11 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

अगर सपा और कांग्रेस के आंकड़ों को एक साथ देखा जाए तो इंडिया गठबंधन 41 सीटों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। यह एनडीए के अनुमानित 38 सीटों से तीन ज्यादा है।

जनवरी के मुकाबले बीजेपी की सीटों में गिरावट

नए सर्वे की सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के आंकड़ों को लेकर हो रही है। जनवरी में सी-वोटर के सर्वे में बीजेपी को उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 44 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था।

अब नए सर्वे में बीजेपी का अनुमान 34 सीटों पर आ गया है। यानी जनवरी के मुकाबले बीजेपी को 10 सीटों का नुकसान दिख रहा है।

हालांकि बीजेपी के सहयोगियों को चार सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, लेकिन सहयोगियों को जोड़ने के बाद भी एनडीए का कुल आंकड़ा इंडिया गठबंधन से पीछे दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव

सर्वे में कांग्रेस के आंकड़े ने भी ध्यान खींचा है। जनवरी में कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलने का अनुमान था। नए सर्वे में पार्टी का आंकड़ा बढ़कर 11 सीटों तक पहुंच गया है।

यानी छह महीने के भीतर कांग्रेस को अनुमान के मुताबिक नौ सीटों का फायदा होता दिखाई दे रहा है। समाजवादी पार्टी के आंकड़े में भी मामूली बढ़त है। जनवरी में सपा को 29 सीटें मिलने का अनुमान था, जबकि नए सर्वे में उसे 30 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

इस तरह सपा और कांग्रेस के अनुमानित आंकड़ों को जोड़ने पर विपक्षी गठबंधन की स्थिति एनडीए से मजबूत दिखाई देती है।

2024 में यूपी में कैसा रहा था मुकाबला?

2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को छह सीटें मिली थीं। दोनों दलों ने इंडिया गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था।

बीजेपी ने 33 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उसके सहयोगी दलों में राष्ट्रीय लोक दल को दो और अपना दल को एक सीट मिली थी। इसके अलावा आजाद समाज पार्टी ने भी एक सीट पर जीत हासिल की थी।

नए सर्वे में बीजेपी के लिए 34 सीटों का अनुमान है, जो 2024 के वास्तविक प्रदर्शन से सिर्फ एक सीट ज्यादा है। वहीं सपा के लिए 30 सीटों का अनुमान पिछले लोकसभा चुनाव की 37 सीटों से कम है। लेकिन कांग्रेस के लिए अनुमानित 11 सीटों ने विपक्षी गठबंधन के कुल आंकड़े को मजबूत किया है।

UP Election में क्या मायने रखेगा गठबंधन?

उत्तर प्रदेश में चुनावी राजनीति में गठबंधन की भूमिका काफी अहम रहती है। सपा और कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और दोनों दलों के प्रदर्शन ने बीजेपी के लिए चुनौती पैदा की थी।

आने वाले चुनाव में अगर दोनों दलों के बीच तालमेल बना रहता है तो सीटों का गणित काफी हद तक वोटों के आपसी ट्रांसफर और उम्मीदवारों के चयन पर निर्भर करेगा। दूसरी तरफ बीजेपी भी अपने सहयोगी दलों के साथ समीकरण मजबूत करने की कोशिश करेगी।

हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मुद्दे और समीकरण अलग हो सकते हैं। विधानसभा चुनाव में स्थानीय उम्मीदवार, क्षेत्रीय मुद्दे और विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर संगठन की ताकत भी बड़ा असर डालती है। इसलिए इस सर्वे के आधार पर विधानसभा चुनाव का सीधा नतीजा निकालना सही नहीं होगा।

योगी सरकार के लिए क्यों अहम हैं ये आंकड़े?

उत्तर प्रदेश में UP Election की तैयारियां तेज होने के साथ ही राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। बीजेपी के लिए सर्वे में जनवरी के मुकाबले सीटों में गिरावट चिंता का विषय हो सकती है, जबकि सपा और कांग्रेस के लिए विपक्षी गठबंधन का अनुमानित आंकड़ा राहत देने वाला है।

फिलहाल सर्वे के आंकड़े सिर्फ जनता के मौजूदा मूड का अनुमान हैं। चुनाव तक राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं और वास्तविक परिणाम इससे बिल्कुल अलग भी हो सकते हैं। लेकिन इतना जरूर है कि नए आंकड़ों ने उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में बहस को और तेज कर दिया है।

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