Nepal Flood Update: दलाई लामा और युवराज सिंह ने जताया दुख, बोले- तबाही की कल्पना करना भी मुश्किल; 826 लोग अब भी लापता

Nepal Flood Update पर दलाई लामा ने जताई गहरी संवेदना…

Nepal Flood Update के बीच नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत के ग्यिरोंग में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस त्रासदी पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने दुख जताया है। दोनों ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और इस आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

नेपाल में बाढ़ से अब तक 177 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 826 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में स्थानीय नागरिकों के साथ पर्यटक और सुरक्षाबलों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

रसुवा और ग्यिरोंग में तबाही पर दलाई लामा दुखी

दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत के ग्यिरोंग में बाढ़ से हुई जनहानि और भारी नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि रसुवा और ग्यिरोंग में आई विनाशकारी बाढ़ से जान-माल के बड़े नुकसान की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

दलाई लामा ने इस आपदा को लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

‘ऐसी आपदाएं दोबारा न आएं, इसके लिए कदम उठाने होंगे’

दलाई लामा ने कहा कि इस इलाके में पहले भी प्राकृतिक आपदाएं हो चुकी हैं। ऐसे में इन घटनाओं को गंभीर संकेत के तौर पर देखना चाहिए।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन या किसी अन्य संभावित कारण का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने या उनके प्रभाव को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

उनका संदेश ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं और राहत-बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं।

युवराज सिंह ने भी जताया दुख

नेपाल में आई बाढ़ पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदना व्यक्त की।

युवराज सिंह ने लिखा कि नेपाल में बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ संवेदना जताई और खास तौर पर उन परिवारों का जिक्र किया, जो अब भी अपने प्रियजनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि नेपाल के लोग इस बेहद मुश्किल समय में हिम्मत बनाए रखेंगे और इस त्रासदी से बाहर निकलने में सफल होंगे।

826 लोगों के लापता होने से बढ़ी चिंता

बाढ़ के बाद 826 लोगों के लापता होने की जानकारी ने चिंता और बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक लापता लोगों में स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक और सुरक्षाबलों के जवान भी शामिल हैं।

राहत और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में राहत एजेंसियों के सामने लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने की बड़ी चुनौती है।

नेपाल के साथ तिब्बत का इलाका भी प्रभावित

इस आपदा का असर नेपाल तक सीमित नहीं रहा। नेपाल के रसुवा क्षेत्र से लगे तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में भी बाढ़ और भूस्खलन से नुकसान की खबर सामने आई है।

रसुवा नेपाल और चीन के बीच महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र है। यहां अचानक आई बाढ़ ने स्थानीय आबादी के साथ-साथ आवाजाही और बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित किया है।

इसी वजह से नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा पर पड़ोसी क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।

राहत-बचाव अभियान के बीच मदद की उम्मीद

Nepal Flood Update के बीच इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। मौतों और लापता लोगों की संख्या ने इस त्रासदी की गंभीरता को सामने ला दिया है।

दलाई लामा और युवराज सिंह जैसे प्रमुख लोगों की संवेदनाओं से प्रभावित परिवारों के दुख की ओर भी लोगों का ध्यान गया है। नेपाल के लिए फिलहाल चुनौती अपने नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित निकालने, लापता लोगों का पता लगाने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी मदद पहुंचाने की है।

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