नेपाल में बाढ़ से बढ़ी तबाही, 300 भारतीयों के लापता होने की खबर…
Nepal Flood Update के बीच नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। नेपाल की National Disaster Risk Reduction and Management Authority (NDRRMA) ने बताया है कि बाढ़ के बाद अब तक 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। लापता लोगों में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ पर्यटक और आम नागरिक भी शामिल हैं।
सबसे बड़ी चिंता पर्यटकों को लेकर है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 529 से ज्यादा पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने यह भी जानकारी दी है कि लापता लोगों में 300 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इस आंकड़े ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है।
वहीं, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
826 लोगों का अब तक पता नहीं चला
नेपाल की एनडीआरआरएमए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक बाढ़ के बाद कुल 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। इनमें अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हैं।
लापता लोगों में सुरक्षा बलों के जवान, स्थानीय नागरिक और नेपाल घूमने पहुंचे पर्यटक भी हैं। बाढ़ के कारण कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे बचाव दलों के लिए लापता लोगों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
अधिकारियों की ओर से प्रभावित इलाकों में तलाश अभियान चलाया जा रहा है। जैसे-जैसे राहत टीमें दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं, नुकसान और लापता लोगों से जुड़े आंकड़ों में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
529 से ज्यादा पर्यटक लापता
Nepal Flood Update में सबसे चिंताजनक आंकड़ा लापता पर्यटकों का है। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ के बाद 529 से अधिक पर्यटकों का पता नहीं चल पाया है।
नेपाल में इस समय बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक मौजूद थे। इनमें भारत समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं। अचानक आई बाढ़ और उसके बाद बने मुश्किल हालात के कारण कई पर्यटक प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए या उनसे संपर्क टूट गया।
नेपाल प्रशासन की ओर से लापता लोगों को खोजने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी रखा गया है।
लापता लोगों में 300 भारतीय भी शामिल
नेपाल के विदेश मंत्री के मुताबिक बाढ़ के बाद लापता लोगों में 300 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारतीय नागरिकों की इतनी बड़ी संख्या के लापता होने की खबर से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
नेपाल भारत के लोगों के लिए धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण देश है। बड़ी संख्या में भारतीय हर साल पशुपतिनाथ मंदिर समेत नेपाल के अलग-अलग धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं।
ऐसे में बाढ़ की इस भयावह स्थिति के बीच भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी भारत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अब राहत और बचाव अभियान के जरिए लापता लोगों को सुरक्षित तलाशना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।
मौतों का आंकड़ा 165 तक पहुंचा
भीषण बाढ़ ने नेपाल में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है। अब तक 165 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ के पानी ने कई इलाकों को प्रभावित किया है। इसके साथ ही भूस्खलन और संपर्क मार्गों को हुए नुकसान ने राहत अभियान को और मुश्किल बना दिया है।
प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम भी जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाला जा सके।
राहत-बचाव अभियान लगातार जारी
लापता लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। सुरक्षाबलों और आपदा राहत टीमों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में तलाश की जा रही है।
कई इलाकों में बाढ़ के पानी और मलबे के कारण बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का अभियान जारी है।
आने वाले समय में राहत एजेंसियों की ओर से और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इसके साथ ही लापता और मृतकों के आंकड़ों में भी बदलाव हो सकता है।
भारत में भी बढ़ी चिंता
नेपाल में बाढ़ की भयावहता और 300 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद भारत में भी इस घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
खासकर उन परिवारों के लिए यह समय बेहद मुश्किल है, जिनके परिजन नेपाल की यात्रा पर गए थे और अब उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। लापता भारतीयों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने और बचाव अभियान आगे बढ़ने का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल नेपाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 826 लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। वहीं, 165 मौतों का आंकड़ा इस आपदा की गंभीरता को दर्शाता है।




