ग्रेटर नोएडा: Jewar BSP Candidate को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने 25 अगस्त को गौतमबुद्ध नगर के दनकौर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के मंच से जेवर विधानसभा सीट के लिए सतवीर नागर के नाम का ऐलान किया है।
इससे 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा की रणनीति को लेकर तस्वीर और साफ होती दिखाई दे रही है। कार्यक्रम दनकौर के आदर्श इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित किया गया।
Jewar BSP Candidate को लेकर पहले से चल रही थी चर्चा
जेवर विधानसभा सीट पर बसपा के उम्मीदवार को लेकर पिछले कई दिनों से सतवीर नागर का नाम चर्चा में था।
हिन्दुस्तान ने 21 अगस्त की रिपोर्ट में बताया था कि दनकौर के सम्मेलन में जेवर सीट के प्रत्याशी के नाम का ऐलान होने की संभावना है और सतवीर नागर को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी।
इसके बाद आजतक ने 24 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में भी बताया था कि आकाश आनंद जेवर में बसपा प्रत्याशी के रूप में सतवीर गुर्जर के नाम की घोषणा करेंगे।
मायावती के गृह जिले से मिशन 2027 का संदेश
गौतमबुद्ध नगर बसपा प्रमुख मायावती का गृह जिला है। ऐसे में जेवर से चुनावी अभियान को धार देना पार्टी के लिए सिर्फ एक विधानसभा सीट का मामला नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी में संगठन को दोबारा मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आकाश आनंद की यह गौतमबुद्ध नगर में पहली बड़ी राजनीतिक जनसभा थी। कार्यक्रम को मिशन-2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले उन्होंने हाथरस के सादाबाद में पार्टी के चुनावी अभियान के तहत कार्यक्रम किया था। आजतक के मुताबिक जेवर उनकी यूपी में दूसरी बड़ी रैली है।
गुर्जर-दलित समीकरण पर BSP की नजर
जेवर विधानसभा क्षेत्र में गुर्जर और दलित मतदाताओं की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में गुर्जर समाज से आने वाले चेहरे को आगे करना बसपा की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी की कोशिश अपने पारंपरिक दलित वोट बैंक के साथ पश्चिमी यूपी के प्रभावशाली सामाजिक समूहों को भी जोड़ने की है। जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के कारण विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक और आर्थिक अहमियत भी लगातार बढ़ी है।
पुराना गढ़ वापस पाने की कोशिश
जेवर कभी बसपा के मजबूत क्षेत्रों में गिना जाता था। आधिकारिक चुनावी आंकड़ों के मुताबिक 2007 और 2012 में दादरी से सतवीर सिंह गुर्जर बसपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं।
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हालांकि पिछले चुनावों में पश्चिमी यूपी में बसपा का प्रभाव कमजोर हुआ है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी अपने पुराने कैडर और सामाजिक समीकरणों को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।
आकाश आनंद के सामने बड़ी चुनौती
आकाश आनंद को पार्टी ने 2027 के चुनाव अभियान में अहम जिम्मेदारी दी है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती बसपा के कमजोर हुए संगठन को दोबारा सक्रिय करना और युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करना है।
जेवर सम्मेलन के जरिए बसपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी 2027 के चुनाव को लेकर जमीन पर उतर चुकी है। अब देखना होगा कि उम्मीदवार के रूप में सतवीर नागर को आगे करने की रणनीति जेवर के चुनावी समीकरणों पर कितना असर डालती है।




