Buffalo Auction: लखनऊ के पारा इलाके में अवैध डेयरियों से जब्त की गई भैंसों की सोमवार को प्रस्तावित नीलामी से पहले नगर निगम मुख्यालय में हंगामा हो गया। नीलामी में शामिल होने सीतापुर से पहुंचे युवक रवि पांडेय ने आरोप लगाया कि पारा से आए कुछ लोगों ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की और उसके दस्तावेज भी छीन लिए। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। नगर निगम मुख्यालय में उस समय ईटीएफ बल और अधिकारी भी मौजूद थे। वहीं, नीलामी को लेकर सपा नेताओं, पशुपालकों और कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में सपा विधायक अरमान खान ने अपर नगर आयुक्त को पत्र देकर नीलामी स्थगित करने की मांग की।
नीलामी से पहले युवक से मारपीट
नगर निगम की ओर से पारा क्षेत्र की अवैध डेयरियों से जब्त किए गए पशुओं की नीलामी की तैयारी की गई थी। इसी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सीतापुर से आए रवि पांडेय के साथ नगर निगम मुख्यालय में मारपीट हो गई।
रवि का आरोप है कि नीलामी में शामिल होने आए पारा के कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसके जरूरी दस्तावेज भी छीन लिए। उसने मुख्यमंत्री से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना के दौरान नगर निगम मुख्यालय में ईटीएफ बल तैनात था और अधिकारी भी मौजूद थे। मारपीट की सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची।
Buffalo Auction को लेकर विरोध
Buffalo Auction को लेकर नगर निगम की कार्रवाई के बीच सपा यूथ ब्रिगेड और पशुपालकों ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
नीलामी की प्रक्रिया को लेकर सपा नेताओं ने सवाल उठाए। सपा पार्षद शफीकुर रहमान चचा ने कहा कि सिर्फ लखनऊ के लोगों को नीलामी में शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पहले भी कार्रवाई हुई थी, लेकिन उस समय नीलामी क्यों नहीं की गई।
सपा पार्षद यायावर हुसैन रेशु ने भी नीलामी को गलत बताते हुए कहा कि इसमें केवल शहर के लोगों को भाग लेना चाहिए था, जबकि बाहरी लोग भी इसमें शामिल होने पहुंचे हैं।
243 पशुओं की होनी है नीलामी
नगर निगम की ओर से जारी प्रक्रिया के तहत कुल 243 पशुओं की नीलामी की जानी है। इनमें 242 भैंस और एक भैंसा शामिल है। नीलामी के लिए 24 अगस्त को दोपहर 2 बजे बोलियां खोली जानी हैं।
नीलामी में शामिल होने के लिए 1,02,100 रुपये की धरोहर राशि जमा करनी होगी। एक भैंस की न्यूनतम बोली 20,500 रुपये निर्धारित की गई है।
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक, अभियान के दौरान पकड़े गए अपदूषणकारी पशुओं को शहर के अलग-अलग कांजी हाउस और गौशालाओं में रखा गया है। मेयर और नगर आयुक्त के निर्देश पर इन पशुओं की नीलामी की जा रही है। इसके पीछे उद्देश्य यह बताया गया है कि अवैध डेयरी संचालक इन पशुओं को दोबारा खरीदकर डेयरी का संचालन न कर सकें।
जब्त पशुपालक नहीं लगा सकेंगे बोली
नगर निगम की नीलामी प्रक्रिया में उन पशुपालकों को सीधे या किसी दूसरे व्यक्ति के माध्यम से शामिल होने की अनुमति नहीं होगी, जिनके मवेशी अभियान के दौरान जब्त किए गए हैं।
बोली लगाने वाले व्यक्ति को 1,02,100 रुपये की नकद धरोहर राशि जमा करनी होगी। नीलामी में सबसे अधिक बोली लगाने वाले के पक्ष में पशुओं की नीलामी की जाएगी।
नीलामी पूरी होने के बाद दूसरे बोलीदाताओं की धरोहर राशि वापस कर दी जाएगी। वहीं, सबसे अधिक बोली लगाने वाले की धरोहर राशि जमा रहेगी। यदि वह निर्धारित समय के भीतर पूरी रकम जमा नहीं करता है तो उसकी धरोहर राशि जब्त की जा सकती है।
नीलामी से पहले देख सकेंगे पशु
नगर निगम ने इच्छुक बोलीदाताओं को नीलामी से पहले संबंधित कांजी हाउस और गौशालाओं में जाकर पशुओं को देखने की सुविधा भी दी है। नीलामी से जुड़ी नियम और शर्तों की जानकारी किसी भी कार्य दिवस में पशु कल्याण अधिकारी के नगर निगम कार्यालय से ली जा सकती है।
नगर आयुक्त को बिना कारण बताए नीलामी रद्द करने का अधिकार भी रहेगा।
विधायक ने नीलामी स्थगित करने की मांग की
नीलामी को लेकर चल रहे विरोध के बीच सपा विधायक अरमान खान ने अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव को पत्र देकर नीलामी स्थगित करने की मांग की। उनका कहना है कि नीलामी में शामिल होने के इच्छुक कई लोग फिलहाल शहर में मौजूद नहीं हैं। ऐसे में उन्हें भी मौका देने के लिए सोमवार की नीलामी स्थगित की जानी चाहिए।
पत्र मिलने के बाद अधिकारी नीलामी प्रक्रिया से उठकर चले गए। इससे नीलामी को लेकर चल रहा विवाद और गहरा गया।
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ नगर निगम अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान के दौरान जब्त पशुओं की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पशुपालक और विपक्षी नेता इसके तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। नीलामी से पहले नगर निगम मुख्यालय में मारपीट की घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया है।




