JPSC JSSC Protest FIR के बाद बढ़ा विवाद
JPSC JSSC Protest FIR को लेकर झारखंड की राजनीति और छात्र आंदोलन में नया विवाद खड़ा हो गया है। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
राजधानी रांची के कोतवाली और लोअर बाजार थाना क्षेत्रों में शनिवार देर शाम 14 नामजद आरोपियों समेत राज्यभर में 900 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने छात्रों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, गैरकानूनी जमावड़ा करने, शांति भंग करने, सरकारी आदेश की अवहेलना करने और अन्य गंभीर आरोपों के तहत कार्रवाई की है।
JPSC JSSC Protest FIR में लगीं गंभीर धाराएं
पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में महिलाओं के साथ हिंसा, हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने जैसी धाराएं भी शामिल की गई हैं।
एफआईआर दर्ज होने के बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
परीक्षाएं रद्द होने के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम
सीएम हेमंत सोरेन ने 22 परीक्षाएं रद्द की थीं
JPSC JSSC Protest FIR की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का वह फैसला है, जिसमें 18 अगस्त को जेपीएससी, जेएसएससी समेत कुल 22 भर्ती परीक्षाओं और उनके परिणामों को रद्द करने की घोषणा की गई थी।
सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपना प्रदर्शन अगले 60 दिनों के लिए स्थगित करने का ऐलान किया था। हालांकि मामला तब नया मोड़ ले गया जब पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों ने इस फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दे दी।
हाईकोर्ट की रोक के बाद फिर भड़का आंदोलन
हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को जेपीएससी और 20 अगस्त को जेएसएससी से जुड़े रद्दीकरण आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी।
अदालत के इस फैसले के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर चुके छात्र फिर से आक्रोशित हो गए। इसके विरोध में 21 अगस्त को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
JPSC JSSC Protest FIR से पहले हुई थी झड़प
रांची, हजारीबाग और गिरिडीह समेत कई जिलों में पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों, पुलिस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं।
इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप भी तेज
जेएमएम ने बीजेपी पर लगाया आरोप
झारखंड मुक्ति मोर्चा का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी छात्रों को आगे कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
जेएमएम के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि बीजेपी कथित तौर पर कोचिंग माफियाओं के साथ मिलकर युवाओं को भड़का रही है और आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।
बीजेपी ने सरकार को घेरा
वहीं बीजेपी नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई और दमन के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या?
JPSC JSSC Protest FIR के बाद अब मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ हाईकोर्ट में परीक्षाओं को लेकर सुनवाई जारी है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर विपक्ष और छात्र संगठन सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और सरकार की अगली रणनीति इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।




