COEP Pune Clash को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति और छात्र संगठनों के बीच विवाद गहरा गया है। पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (COEP) में छात्र संगठन ABVP और NSUI आमने-सामने आ गए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर धमकी देने, छात्रों पर दबाव बनाने और हिंसा के आरोप लगा रहे हैं। यह विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले सामने आया है, जिससे मामले को राजनीतिक रंग भी मिल गया है।
COEP Pune Clash की शुरुआत कैसे हुई?
विवाद की शुरुआत एक छात्रा के इंटरव्यू से हुई। छात्रा ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में आरोप लगाया था कि छात्रों को सरकारी स्कॉलरशिप और फीस रीइंबर्समेंट की राशि समय पर नहीं मिल रही है। इसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
कांग्रेस और NSUI नेताओं का आरोप है कि छात्रा पर दबाव बनाकर एक दूसरा वीडियो रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें उसने अपने पहले बयान को बदल दिया। दूसरी ओर ABVP ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि छात्रा ने अपनी मर्जी से स्थिति स्पष्ट की थी।
COEP Pune Clash में ABVP और NSUI के आरोप-प्रत्यारोप
ABVP और NSUI के बीच विवाद शुक्रवार रात और बढ़ गया, जब दोनों संगठनों के कार्यकर्ता COEP कैंपस में एकत्र हुए। कांग्रेस और NSUI ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और दो कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए।
घायलों को इलाज के लिए संचेती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उनसे मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ABVP से जुड़े लोगों ने छात्रों और छात्राओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया।
वहीं ABVP ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ता छात्रों पर गलत जानकारी फैलाने का दबाव बना रहे थे। संगठन का दावा है कि छात्राओं के हॉस्टल परिसर में घुसकर दबाव बनाने का काम NSUI कार्यकर्ताओं ने किया।
पुणे पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुणे पुलिस भी सक्रिय हो गई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और कैंपस में हुई गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार कौन था।
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले बढ़ा राजनीतिक तापमान
यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कार्यक्रम से पहले कैंपस में पैदा हुआ तनाव आने वाले दिनों में और राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है, जबकि ABVP का कहना है कि छात्र राजनीति के नाम पर गलत तथ्यों को फैलाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल जांच का इंतजार
फिलहाल COEP Pune Clash में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। एक तरफ NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ता हिंसा और धमकी का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ABVP छात्रों को गुमराह करने और दबाव बनाने का आरोप लगा रही है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




