Summit Building Fraud Case: लखनऊ के विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में सामने आए कथित साइबर फ्रॉड के मामले में अब पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है। मामले की जांच के बाद साइबर क्राइम पुलिस से जुड़े 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। इनमें 3 को निलंबित किया गया है, जबकि 6 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।
मामला उस कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें समिट बिल्डिंग में चल रहे कथित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को पकड़ा गया था। इसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर शिकायत सामने आई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कार्रवाई के दौरान पकड़े गए कुछ लोगों को पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया। शिकायत की जांच के बाद अब 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
3 पुलिसकर्मी निलंबित, 6 लाइन हाजिर
जिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें वसीम खान, श्रीकांत और जितेंद्र को निलंबित किया गया है। वहीं अरविंद, आदिल, आशीष, जय प्रकाश, संतोष और अविनाश को लाइन हाजिर किया गया है।
अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई को जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर उठे सवालों की जांच के बाद यह कदम उठाया गया।
हालांकि, पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, उनके खिलाफ फिलहाल कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। विभागीय स्तर पर जांच को पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
एडीसीपी क्राइम ने क्या कहा?
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के मुताबिक, जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। इसके बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें निलंबित और लाइन हाजिर किया गया है।
यानी फिलहाल पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई को उनके खिलाफ आरोप साबित होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता। विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
समिट बिल्डिंग में पकड़ा गया था कथित फर्जी कॉल सेंटर
यह पूरा मामला लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र की समिट बिल्डिंग से जुड़ा है। बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर Solaris Solution के नाम से कथित इंटरनेशनल कॉल सेंटर संचालित होने की जानकारी पुलिस को मिली थी।
आरोप था कि यहां से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में युवक-युवतियां मौके पर मौजूद मिले थे।
बताया गया कि पुलिस ने करीब 12 घंटे तक परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान दो ऑपरेशन मैनेजर समेत बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया।
119 युवक-युवतियों समेत कई लोग हिरासत में
पुलिस कार्रवाई के दौरान 2 ऑपरेशन मैनेजर समेत 119 युवक-युवतियों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई थी। बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ हिरासत में लिए जाने के कारण पुलिस को उन्हें थाने तक ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था करनी पड़ी थी।
कार्रवाई के बाद जब लोगों को बिल्डिंग से बाहर लाया गया तो वहां भीड़ जमा हो गई थी। इस दौरान कई युवतियां कैमरों से बचने के लिए अपने चेहरे को हाथ, बाल और दुपट्टे से ढकती हुई नजर आई थीं।
इसी कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठा कि मौके से पकड़े गए सभी लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और क्या सभी संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में रखा था।
पैसे लेकर छोड़ने का लगा था आरोप
समिट बिल्डिंग की कार्रवाई के बाद कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। शिकायत में कहा गया कि छापेमारी के दौरान पकड़े गए कुछ संदिग्धों को कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया गया।
इन आरोपों के सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच का मुख्य फोकस यही रहा कि कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम की भूमिका क्या थी और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ किस तरह की कार्रवाई की गई।
जांच पूरी होने के बाद साइबर क्राइम पुलिस से जुड़े 9 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा है कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। ऐसे में इस मामले में विभागीय जांच के आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और साफ हो सकती है।
विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने का था आरोप
पुलिस के मुताबिक, समिट बिल्डिंग में चल रहे कथित कॉल सेंटर से अमेरिका समेत दूसरे देशों के नागरिकों को साइबर ठगी का निशाना बनाए जाने की बात सामने आई थी।
आरोप है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे और उन्हें अलग-अलग तरीकों से ठगी के जाल में फंसाया जाता था। इस पूरे नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को पकड़ा था।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि यह सामान्य कॉल सेंटर नहीं बल्कि कथित तौर पर विदेशों में बैठे लोगों को निशाना बनाने वाले साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा बताया गया।
अब आगे जांच पर रहेगी नजर
Summit Building Fraud Case में 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद अब जांच के अगले चरण पर नजर रहेगी। फिलहाल 3 पुलिसकर्मी निलंबित हैं और 6 लाइन हाजिर किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य जांच में पारदर्शिता बनाए रखना है। यदि आगे की जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका या लापरवाही से जुड़े ठोस तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे निर्णय लिया जा सकता है।
दूसरी तरफ समिट बिल्डिंग से जुड़े कथित साइबर फ्रॉड मामले में भी पुलिस की जांच जारी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉल सेंटर का नेटवर्क कितना बड़ा था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और विदेशी नागरिकों को किस तरीके से निशाना बनाया जा रहा था।
फिलहाल इस पूरे मामले में एक तरफ कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जांच चल रही है और दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है।




