दानपेटी में चिल्लर लेकर विधानसभा पहुंचे सपा विधायक, ‘NEET या CHEAT’ के पोस्टर; सदन में राम मंदिर चढ़ावे पर हंगामा

The Red Ink:

सपा-कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन, अखिलेश बोले- ‘आरंभ ही प्रचंड है’…

केशव मौर्य के बयान पर भड़के सपा सदस्य, विधान परिषद के वेल में पहुंचकर की नारेबाजी…

मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि, कार्यवाही स्थगित…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और सत्ता पक्ष के जवाबी हमलों के साथ हुई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायक विधानसभा के बाहर राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और NEET से जुड़े मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे। सपा विधायक अपने साथ एक दानपेटी भी लाए, जिसमें चिल्लर भरी हुई थी।

प्रदर्शन के दौरान ‘NEET है या CHEAT है’ और ‘राम के नाम पर लूट है’ जैसे नारे लिखे पोस्टर भी दिखाई दिए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, ‘आरंभ ही प्रचंड है।’

वहीं, विधान परिषद में राम मंदिर चढ़ावे के कथित चोरी मामले को लेकर सपा सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी के बाद विपक्षी सदस्य वेल तक पहुंच गए और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाने लगे। इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली।

विधानसभा के बाहर दानपेटी लेकर पहुंचे सपा विधायक

सत्र शुरू होने से पहले सपा और कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई। वहीं, NEET परीक्षा को लेकर भी सरकार को घेरा गया।

प्रदर्शन में शामिल नेताओं के हाथों में अलग-अलग संदेशों वाले पोस्टर थे। सपा विधायक जाहिद बेग साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन और E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों को लेकर पोस्टर दिखाए।

सपा का आरोप है कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा की भी मांग की है।

राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा विधान परिषद में उठा

विधान परिषद में सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और श्रद्धालु अपनी इच्छा से चढ़ावा देते हैं। ऐसे में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सपा एमएलसी ने आरोप लगाया कि शिकायत में मुख्य आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए और मामले से जुड़े कुछ लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है।

आशुतोष सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज हटाई गई, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को सामने आने से रोका जा सके। उन्होंने मामले की समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की।

केशव मौर्य के बयान के बाद बढ़ा हंगामा

विधान परिषद में नेता सदन और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद।’

केशव मौर्य ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद रामलला के मंदिर का निर्माण हुआ है। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके नेताओं ने पहले बाबर से रिश्तेदारी जोड़ने की बात की और 1990 में रामभक्तों पर कार्रवाई हुई।

उनकी इस टिप्पणी के बाद सपा सदस्य नाराज हो गए और नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए। सपा विधायकों ने ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। जवाब में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। सभापति लगातार दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील करते रहे।

सपा ने कहा- कार्रवाई केवल छोटे लोगों तक सीमित

सपा एमएलसी मुकुल यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले में कार्रवाई केवल निचले स्तर के लोगों तक सीमित रखी गई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने श्रद्धा के साथ मंदिर में चढ़ावा दिया, उनके विश्वास से जुड़ा यह गंभीर मामला है।

वहीं, सपा विधायक लाल बिहारी यादव ने मंदिर ट्रस्ट की संरचना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों का प्रभाव है और इसकी शुरुआत से ही अनियमितताएं हो रही हैं।

सदन में दिवंगत विधायक आलमबदी को दी गई श्रद्धांजलि

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक रहे आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

सभी सदस्यों ने आलमबदी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आलमबदी उम्र के इस पड़ाव पर भी राजनीतिक रूप से सक्रिय थे और शिक्षा के प्रसार में उनकी विशेष रुचि थी।

सीएम योगी ने कहा कि उनके निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी राजनीतिज्ञ, लोकप्रिय जनप्रतिनिधि और समाजसेवी को खो दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी आलमबदी से जुड़ा एक प्रसंग साझा करते हुए उनकी सादगी और सहज स्वभाव को याद किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि आलमबदी 90 वर्ष की उम्र में भी चुनाव लड़ने का उत्साह रखते थे।

सत्र से पहले योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन दलों के शासनकाल में किसानों के हित प्रभावित हुए, वही अब किसानों के मुद्दे उठा रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक गन्ना किसानों को 3.23 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है।

राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में रामभक्तों पर गोली चलने की घटनाएं हुईं, वही आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती निगम के जरिए अगले सप्ताह से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने विपक्ष से नकारात्मक राजनीति छोड़कर सदन में सकारात्मक चर्चा करने की अपील की।

चार दिन चलेगा मानसून सत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा। पहले दिन दिवंगत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद सरकार की ओर से अध्यादेश, अधिसूचनाएं और अन्य जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश करेंगे। सत्र के दौरान नौ अध्यादेशों को मंजूरी मिल सकती है।

इसके अलावा संभल दंगों की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी सदन में पेश किए जाने की संभावना है।

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