The Red Ink:
सपा ने जारी किया ‘पीडीए ऑडिट अंक-4’, अखिलेश बोले- शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का दस्तावेज…
स्कूल मर्जर, शिक्षक भर्ती और सरकारी नौकरियों को लेकर सरकार को घेरा…
खाद, खेती की बढ़ती लागत और आलू के दाम का मुद्दा भी सदन में उठाएगी सपा…
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिक्षा, रोजगार, किसानों, महंगाई और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाए।
सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव समेत पार्टी के विधायक भी मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी विधानसभा में प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
‘पीडीए ऑडिट’ के जरिए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘पीडीए ऑडिट अंक-4’ जारी करते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं और स्कूलों के विलय की नीति का सबसे ज्यादा असर गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है।
सपा अध्यक्ष के मुताबिक, स्कूलों के मर्जर के कारण करीब 28 लाख बच्चों के नामांकन में कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार से अधिक स्कूल बंद किए गए हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अखिलेश ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण सरकारी शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने शिक्षकों की संख्या में 62 हजार से अधिक की कमी और 81 हजार से ज्यादा पद खाली होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के बावजूद सरकार नई शिक्षक भर्तियां नहीं कर रही है।
उन्होंने ‘पीडीए ऑडिट’ को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का दस्तावेज बताते हुए कहा कि सपा इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएगी।
सरकारी नौकरियों और बेरोजगारी पर जवाब मांगेगी सपा
अखिलेश यादव ने सरकार पर सरकारी नौकरियों के अवसर कम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकारी पदों को लगातार खाली रखा जा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवा नौकरी और रोजगार के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकार इन सवालों पर गंभीरता से जवाब नहीं दे रही है।
किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने किसानों की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
उन्होंने खाद की कमी और बोरी के वजन को लेकर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद की पूरी मात्रा नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रदेश में किसानों की कर्जमाफी की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार को खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
सपा प्रमुख ने कहा कि आलू किसानों को भी अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है। पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाकर सरकार से जवाब मांगेगी।
एक्सप्रेस-वे, बिजली दर और राम मंदिर चढ़ावा का मुद्दा भी उठेगा
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा विधानसभा में एक्सप्रेस-वे से जुड़े मामलों और बिजली की बढ़ती दरों पर भी सरकार को घेरेगी। इसके अलावा राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी से जुड़े मामले को भी सदन में उठाने की बात कही गई।
उन्होंने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को आगे बढ़ाने के बजाय उन पर कार्रवाई की जा रही है।
सरकार बनने पर बेहतर JPNIC बनाने का दावा
अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो JPNIC को पहले से बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा।
यूपी विधानसभा का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक चलेगा। सत्र से पहले सपा की ओर से सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद सदन में शिक्षा, रोजगार, किसानों और दूसरे जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।




