The Red Ink:
बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच के बीच STF के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने मीडिया रिपोर्ट्स में गिरफ्तारी की पुष्टि की है। बताया गया कि यह कार्रवाई गुरुवार देर रात की गई।
जवान की गिरफ्तारी के बाद भरत तिवारी के परिवार ने इसे जांच की दिशा में अहम कदम बताया है। हालांकि, परिवार का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मां बोलीं- बेटे पर पहली गोली अक्षय कुमार ने चलाई थी
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने STF जवान की गिरफ्तारी के बाद कहा कि उनके बेटे पर पहली गोली अक्षय कुमार ने चलाई थी। उन्होंने मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।
आशा देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद ही इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि परिवार को उम्मीद है कि जांच के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कदम उठाया जाएगा।
पिता ने गिरफ्तारी पर जताई संतुष्टि
भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने STF जवान की गिरफ्तारी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है, जिसे वे कार्रवाई की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।
परिवार लगातार एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।
17 जून को एनकाउंटर के बाद हुई थी भरत की मौत
भरत तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले थे। 17 जून को पुलिस एनकाउंटर के बाद उनकी मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद एनकाउंटर की परिस्थितियों और कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। परिवार ने मामले की जांच और न्याय की मांग की थी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई
भरत तिवारी के परिवार ने 24 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। परिवार का कहना है कि इसके बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी।
अब STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, जांच में आगे क्या निष्कर्ष निकलते हैं और अन्य लोगों की भूमिका पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।
न्यायिक जांच आयोग का पहले ही हो चुका है गठन
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच के लिए पहले ही एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया जा चुका है। इस आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं।
आयोग मामले से जुड़े तथ्यों और एनकाउंटर की परिस्थितियों की जांच कर रहा है। STF जवान की गिरफ्तारी के बाद जांच प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




