The Red Ink:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका में फ्रीज़ की गई ईरानी संपत्तियों का इस्तेमाल उन अमेरिकी जहाजों, उनके माल और उनसे जुड़े नुकसान की भरपाई के लिए किया जा सकता है, जिन्हें ईरान या उसके सहयोगी समूहों की गतिविधियों से नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को “निष्पक्ष और न्यायसंगत” करार दिया।
ईरान ने दी तीखी प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान पर ईरान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने इसे उकसावे वाला कदम बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान क्षेत्र में तनाव और बढ़ा सकते हैं। तेहरान का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन की ऐसी टिप्पणियां हालात को और जटिल बना रही हैं।
13वीं रात भी जारी रहे अमेरिकी हमले
बयानबाजी के बीच सैन्य मोर्चे पर भी तनाव कम होता नहीं दिख रहा। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने लगातार 13वीं रात ईरान से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की है। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार इन हमलों में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं।
लाल सागर में बढ़ा खतरा
उधर, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करने की जिम्मेदारी ली है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी आशंकाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इससे आने वाले दिनों में ईंधन और परिवहन लागत पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।




