The Red Ink
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसी क्रम में लखनऊ के ऐशबाग जंक्शन का भी लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने जालंधर-वाराणसी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जबकि उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की रेल तकनीक को लेकर बड़ा बयान दिया।
देशभर के 75 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस, सुरक्षित और बेहतर रेलवे स्टेशन उपलब्ध कराना है। लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाला ऐशबाग जंक्शन भी इसी योजना के तहत आधुनिक स्वरूप में विकसित किया गया है।
ऐशबाग जंक्शन को मिली नई पहचान
पुनर्विकास के बाद ऐशबाग जंक्शन पर यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन परिसर को अधिक सुविधाजनक, स्वच्छ और यात्री-अनुकूल बनाया गया है, जिससे यात्रा अनुभव बेहतर हो सके।
PM मोदी ने जालंधर-वाराणसी एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जालंधर-वाराणसी एक्सप्रेस को भी वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन शनिवार सुबह 7:05 बजे लखनऊ पहुंचेगी और उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों के बीच बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी।
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान
लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत की भविष्य की रेल तकनीक पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हॉर्मुज रहे या न रहे, पेट्रोल-डीजल मिले या न मिले, भारत में ट्रेनें हाइड्रोजन से चलती रहेंगी।” उन्होंने कहा कि भारत रेलवे के आधुनिकीकरण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों का विस्तार देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा।
रेलवे के आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस
केंद्र सरकार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास कर रही है। इसके साथ ही रेलवे में हरित ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। ऐशबाग जंक्शन का लोकार्पण इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।




