The Red Ink
शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पेपर लीक और जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन को लेकर “कॉकरोच जनता पार्टी” के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने सरकार से शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप करने और छात्रों की चिंताओं पर जवाब देने की मांग की है। दीपके ने इस पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया।
छात्र आंदोलन को लेकर सरकार से पूछे सवाल
अभिजीत दीपके ने अपने पत्र में कहा कि जंतर-मंतर पर कई दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि शिक्षा सुधार की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस पहल क्यों नहीं की गई।
पेपर लीक पर सरकार को घेरा
पत्र में दीपके ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक के मामलों ने करोड़ों युवाओं के भविष्य और व्यवस्था पर उनके भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय किए बिना छात्रों का विश्वास वापस नहीं जीता जा सकता। साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री पर नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेने का आरोप भी लगाया।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने पत्र में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और आंदोलन स्थल पर रखी किताबों के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को बल प्रयोग से दबाने की बजाय सरकार को छात्रों से संवाद करना चाहिए।
‘लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी’
पत्र के अंत में दीपके ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जनता के प्रति जवाबदेह होती हैं और युवाओं के सवालों को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी तोड़ें, छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करें और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें।




