The Red Ink
उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में ATS की हालिया कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी आतंकवाद से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी होती है, तो बार-बार सपा के प्रभाव वाले इलाकों का नाम सामने क्यों आता है। अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में राजभर ने कहा कि आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई की है और इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार देशविरोधी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सपा के गढ़ पर उठाए सवाल
राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आजमगढ़ को अक्सर सपा का मजबूत राजनीतिक गढ़ बताया जाता है। ऐसे में यदि उसी क्षेत्र से बार-बार आतंकवाद से जुड़े मामलों में गिरफ्तारियां होती हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से किसी इलाके में रह रहा हो और उसकी गतिविधियां संदिग्ध हों, तो स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं हो पाती। राजभर ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऐसे लोगों को कहीं किसी प्रकार का संरक्षण तो नहीं मिल रहा था।
ATS ने संदिग्ध युवक को किया गिरफ्तार
दरअसल, उत्तर प्रदेश ATS ने आजमगढ़ जिले में कार्रवाई करते हुए मोहम्मद शेख नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पाकिस्तान से संचालित एक कथित आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था और सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी सामग्री प्रसारित करने के साथ युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार युवक थाना निजामाबाद क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) गांव का निवासी है। इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी निगरानी के आधार पर ATS ने उसे हिरासत में लिया। एजेंसियां अब उसके संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही हैं।
जांच जारी, नेटवर्क की पड़ताल में जुटीं एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों तथा संभावित संपर्कों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। ATS यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं।




