The Red Ink
मथुरा के गोवर्धन से सामने आया एक मामला धार्मिक आस्था की आड़ में चल रहे कथित शोषण के नेटवर्क की परतें खोलता है। पुलिस ने एक ऐसे स्वयंभू साधु को गिरफ्तार किया है, जो कभी मैकेनिकल इंजीनियर था और अब ऑनलाइन प्रवचन व भजन-कीर्तन के जरिए पढ़ी-लिखी युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर कथित रूप से उनका यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग करता था।
ऑनलाइन सत्संग से शुरू होता था जाल
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी अभिषेक मिश्रा, जो खुद को ‘अधिकार्ता नारायण दास’ के नाम से प्रस्तुत करता था, सोशल मीडिया और ऑनलाइन धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए युवतियों से संपर्क बनाता था। खासतौर पर वह उन लड़कियों को निशाना बनाता था जो इंजीनियरिंग या अन्य पेशेवर क्षेत्रों में पढ़ी-लिखी थीं और बड़ी कंपनियों में कार्यरत थीं। आरोप है कि विश्वास जीतने के बाद वह उन्हें गोवर्धन और राधाकुंड स्थित अपने ठिकाने पर बुलाता था।
जन्मदिन मनाने आई युवती बनी शिकार
मामले का खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक छात्रा ने परिवार के साथ पुलिस से शिकायत की। पीड़िता अपनी बहन के पास मथुरा आई थी, जो राधाकुंड क्षेत्र में रहकर इंटर्नशिप कर रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने धार्मिक प्रसाद बताकर दूध पिलाया, जिसमें कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला था। इसके बाद युवती के साथ अश्लील हरकतें की गईं और उसे धमकाया गया।
वीडियो बनाकर मांगे लाखों रुपये
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क कर पांच लाख रुपये की मांग की। पैसे न देने पर निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। परिवार द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला गंभीरता से जांच के दायरे में आया।
जांच में खुली कई परतें
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान यह संकेत मिले कि आरोपी केवल एक पीड़िता तक सीमित नहीं था। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में कई अन्य युवतियों के भी संपर्क में होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
IIT रुड़की से पढ़ाई, फिर साधु का चोला
जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से ओडिशा का निवासी है और उसने वर्ष 2021 में IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के बाद वह एक निजी कंपनी में उच्च वेतन वाली नौकरी भी कर चुका था। हालांकि कुछ समय बाद उसने नौकरी छोड़ दी और गोवर्धन क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर धार्मिक गतिविधियों के नाम पर अपना प्रभाव बढ़ाना शुरू कर दिया।
ब्लैकमेलिंग के पैसों से बनाया कथित आश्रम!
पुलिस को संदेह है कि युवतियों को ब्लैकमेल कर हासिल की गई रकम से आरोपी ने राधाकुंड क्षेत्र में संपत्ति खरीदी और वहीं एक कथित आश्रम जैसी व्यवस्था तैयार कर ली थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो युवतियों और एक नाबालिग को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को आवश्यक काउंसलिंग और देखभाल के लिए संबंधित संस्थानों को सौंपा गया है।
‘गंधर्व विवाह’ के नाम पर भी खेल?
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी युवक-युवतियों को कथित रूप से ‘गंधर्व विवाह’ के नाम पर जोड़ता था। इसके बाद युवतियों पर प्रभाव जमाकर उन्हें परिवार और समाज से अलग करने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, उसके संपर्कों और संभावित अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
ग्रामीण पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंकिंग लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।




