गाजियाबाद में कानून को खुली चुनौती: सरेआम गोलियों से भूनकर युवक की हत्या, शव भी उठा ले गए हमलावर; SHO सस्पेंड

The Red Ink
गाजियाबाद के लोनी इलाके में अपराधियों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया है जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े एक युवक की गोलियों से हत्या करने के बाद हमलावर उसका शव भी अपने साथ ले गए और पुलिस को खुली चुनौती देते हुए फरार हो गए। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान ओमकार के रूप में हुई है। वारदात खरखड़ी मोड़ के पास हुई, जहां बदमाशों ने ओमकार को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और फिर शव को वाहन में डालकर मौके से निकल गए।

हत्या से पहले भी था खतरा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक का परिवार पहले ही पुलिस को संभावित हमले की आशंका जता चुका था। परिजनों के अनुसार, 20 मई को ओमकार के बेटे देवांश पर जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद परिवार ने लिखित शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की थी और अपनी जान को खतरा बताया था। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 29 मई को हुई पंचायत में भी विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी, लेकिन उसके बाद भी कोई ठोस पुलिस कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस की लापरवाही पर गिरी गाज, थाना प्रभारी निलंबित
घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने पर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ने सख्त कदम उठाते हुए लोनी थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर पहले मिली शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद इस वारदात को रोका जा सकता था।

हत्या के बाद शव तक नहीं ढूंढ पाई पुलिस
इस पूरे मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि हत्या के कई घंटे बाद भी पुलिस न तो मुख्य आरोपियों तक पहुंच सकी है और न ही मृतक का शव बरामद कर पाई है। हत्या के बाद शव लेकर फरार हुए बदमाश अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शव की बरामदगी न होना जांच एजेंसियों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।

कई टीमें तलाश में, लेकिन सवाल बरकरार
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और शव की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं। आसपास के जिलों में दबिश दी जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पीड़ित परिवार पहले से खतरे की जानकारी दे चुका था, तो आखिर सुरक्षा और रोकथाम के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए?

इलाके में भारी आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे हत्या करने के बाद शव तक उठा ले जाने से नहीं डर रहे। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन ओमकार की हत्या और शव के गायब होने की यह वारदात लोनी की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी हो गई है।

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