The Red Ink
कानपुर की हलीम ग्राउंड स्थित बकरा मंडी में शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह सियासी और कानूनी जंग में बदलता नजर आ रहा है। सीसामऊ से सपा विधायक Naseem Solanki ने मंडी संचालक वफा अब्बास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें और उनके पति पूर्व विधायक Irfan Solanki की जान को खतरा है। वहीं दूसरी ओर मंडी संचालक वफा अब्बास ने इरफान सोलंकी, उनके गनर और समर्थकों पर रंगदारी, मारपीट और लूट के आरोप लगाए हैं। पूरे मामले में दोनों पक्षों की ओर से FIR दर्ज होने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
“एक बकरा ले जाने पर 500 रुपये वसूले जा रहे थे”
नसीम सोलंकी ने आरोप लगाया कि बकरा मंडी में कारोबारियों और पशु व्यापारियों से अवैध वसूली की जा रही थी। उनके मुताबिक, मंडी में एक बकरा ले जाने पर 500 रुपये और एंट्री के नाम पर 100 रुपये तक वसूले जा रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी शिकायत की हकीकत जानने के लिए वह अपने पति इरफान सोलंकी और गनर के साथ वहां पहुंची थीं। हालांकि भीड़ ज्यादा होने की वजह से वह कार में ही बैठी रहीं, जबकि इरफान सोलंकी, उनका बेटा मुस्तफा और गनर अंदर गए।
“150 लोगों को बुलाकर माहौल बिगाड़ दिया”
नसीम सोलंकी का आरोप है कि मंडी संचालक वफा अब्बास ने जानबूझकर माहौल खराब किया। उन्होंने कहा कि इरफान सोलंकी को पहचानने के बावजूद वफा अब्बास ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और बाद में बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा कर हंगामा शुरू करा दिया। सपा विधायक ने कहा, “वह गेट बंद करवाकर क्या करना चाहता था? क्या इतना बड़ा गुंडा है? हमें ऐसा लगा कि माहौल जानबूझकर बिगाड़ा गया।” उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे ने फोन कर उन्हें मौके पर न आने की सलाह दी, क्योंकि वहां स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो चुकी थी।
रंगदारी के आरोपों को बताया झूठ
वफा अब्बास की ओर से लगाए गए 3 लाख रुपये की रंगदारी और 2.70 लाख रुपये लूटने के आरोपों को नसीम सोलंकी ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह आरोप राजनीतिक और व्यक्तिगत दुर्भावना से लगाए गए हैं। नसीम ने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। हमें ही उनसे खतरा महसूस हो रहा है।”
वफा अब्बास का पलटवार- “गनर ने थप्पड़ मारा”
दूसरी तरफ बकरा मंडी संचालक वफा अब्बास ने चमनगंज थाने में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया कि इरफान सोलंकी अपने समर्थकों और गनर के साथ मंडी पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि मंडी में भीड़ और जानवरों की आवाजाही को देखते हुए उन्होंने सिर्फ किनारे हटने का अनुरोध किया था, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। वफा अब्बास के मुताबिक, विधायक के गनर अजीम अहमद ने उन्हें धक्का दिया और थप्पड़ मार दिया। विरोध करने पर मारपीट और छीना-झपटी हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विधायक नसीम सोलंकी को मिले सरकारी गनर के साथ इरफान सोलंकी कैसे घूम रहे थे।
पुलिस ने गनर को किया सस्पेंड
पूरा मामला सामने आने के बाद कानपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर Raghubir Lal ने विधायक के गनर अजीम अहमद को सस्पेंड कर दिया है। कमिश्नर का कहना है कि गनर को विधायक की सुरक्षा में रहना चाहिए था, लेकिन वह मंडी परिसर में जाकर विवाद में शामिल हो गया, जो ड्यूटी में लापरवाही मानी गई।
दोनों पक्षों की FIR से बढ़ी सियासी हलचल
इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज होने के बाद कानपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर सपा इसे अवैध वसूली और साजिश का मामला बता रही है, तो दूसरी ओर मंडी संचालक पक्ष खुद को पीड़ित बता रहा है। पुलिस अब CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।




