The Red Ink
बरेली में डेढ़ साल के मासूम ऋषभ के अपहरण ने पूरे इलाके को दहला दिया था। मंदिर परिसर से अगवा हुए बच्चे की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार 48 घंटे तक जुटी रहीं। इस ऑपरेशन की कमान संभाल रही थीं IPS अंशिका वर्मा। जंगल, खेत, CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और हथियारबंद बदमाशों के बीच चली इस खौफनाक तलाश का अंत तब हुआ, जब मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया। लेकिन सबसे भावुक पल तब आया, जब IPS अंशिका वर्मा ने बच्चे को अपनी गोद में उठाकर दुलार किया।
मनोना धाम से हुआ था डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण
उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मनोना धाम से तीन दिन पहले डेढ़ साल के ऋषभ का अपहरण कर लिया गया था। घटना के बाद परिवार बदहवास था और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामला बेहद संवेदनशील था, क्योंकि बच्चा बेहद छोटा था और अपहरणकर्ताओं के पास हथियार होने की आशंका थी।
IPS अंशिका वर्मा को मिला ऑपरेशन का जिम्मा
बरेली की एसपी साउथ IPS अंशिका वर्मा को बच्चे को सुरक्षित बरामद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने तुरंत महिला SOG समेत पुलिस की पांच टीमें गठित कीं। पुलिस ने 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, हजारों मोबाइल नंबर ट्रैक किए और लगातार लोकेशन सर्विलांस चलाया।
हथियारबंद बदमाशों से मुठभेड़, फिर सुरक्षित मिला मासूम
जांच के दौरान पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती थी बच्चे को बिना नुकसान पहुंचाए छुड़ाना। पुलिस के मुताबिक बदमाश लगातार फायरिंग कर रहे थे। इसके बाद हुई मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए और पुलिस ने मासूम ऋषभ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
गोद में लेते ही छलक पड़ी IPS अधिकारी की ममता
ऑपरेशन खत्म होने के बाद जब डेढ़ साल के ऋषभ को IPS अंशिका वर्मा के सामने लाया गया तो वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी भावुक हो गया। अंशिका वर्मा ने तुरंत बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया और उसे प्यार से चुप कराती रहीं। कई घंटों की थकान के बाद भी उनके चेहरे पर सिर्फ राहत और खुशी दिखाई दे रही थी।
महिला SOG टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में IPS अंशिका वर्मा की तैयार की गई महिला SOG टीम ने अहम भूमिका निभाई। करीब 25 महिला सिपाहियों की यह स्पेशल टीम लगातार ऑपरेशन में लगी रही। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक टीम ने बेहद साहस और सूझबूझ के साथ कार्रवाई की।
शादी के कुछ दिन बाद ही लौटी थीं ड्यूटी पर
हाल ही में संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई से शादी के बाद IPS अंशिका वर्मा ड्यूटी पर लौटी थीं। वापसी के कुछ ही समय बाद उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन को लीड किया और एक मासूम की जिंदगी बचाकर चर्चा में आ गईं।
पुलिस की 48 घंटे की जंग बनी मिसाल
बरेली पुलिस का यह ऑपरेशन अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई, वहीं दूसरी तरफ एक महिला IPS अधिकारी का मानवीय चेहरा लोगों के दिल को छू गया।




